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बड़े मजेदार हैं लाल बत्ती के चस्के के ये किस्से...

Sat, 22 Apr 2017 05:55 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 22 Apr 2017 05:55 PM IST
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No red beacons on VIP vehicles, See many examples
हटने लगी लालबत्ती - फोटो : अमर उजाला
लालबत्ती का चस्का है ही कुछ ऐसा, जो सीधे सिर चढ़कर बोलता है। जो लाल बत्ती के लायक नहीं थे, उन्होंने भी इसके मजे लिए, लेकिन सजा भी भुगतनी पड़ी। ऐसे कई उदाहरण पिछले कुछ समय में देखने को मिले हैं। कोई परिवार को लेकर घूमने निकला, तो लगा ली गाड़ी पर लाल बत्ती और दोस्तों के साथ घूमने गया, तो लगा ली लाल बत्ती। किसी को टोल बचना था, तो किसी को शादी में जाकर रोब झाड़ना था। आम लोगों से लेकर सरकारी अधिकारियों तक, हर किसी की अपनी कहानी है, लाल बत्ती लगाने की।

टोल बचाने का बनाया हथियार

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त्रिपोलिया में जब्त हुई गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
कुछ समय पहले जयपुर स्थित माणक चौक चौपड़ पर लाल बत्ती का ऐसा ही शौकिन युवक पकड़ में आया। युवक परिवार के साथ जयपुर घूमने आया था। नोयडा के रहने वाले इस युवक की गाड़ी ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी और तभी गाड़ी का टायर पंचर हो गया। चूंकि गाड़ी पर लाल बत्ती लगी थी, तो ट्रेफिक पुलिस वालों ने मदद की कोशिश की। बातचीत में युवक ने माना कि उसका कोई रिश्तेदार है, जो मंत्री है। बस यहीं फंस गया। इसके बाद गाड़ी जब्त की गई। पूछताछ हुई तो पता चला कि सैर सपाटे के दौरान टोल से बचने के लिए लाल बत्ती लगा रखी थी।

छात्रसंघ अध्यक्ष बोले, समर्थकों ने जबरन लगा दी

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छात्रसंघ अध्यक्ष की गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
साल 2016 में राजस्थान विवि छात्रसंघ अध्यक्ष भी लालबत्ती के चस्के का शिकार हो गया। तत्कालीन छात्रसंघ अध्यक्ष सतवीर चौधरी अपनी गाड़ी पर लालबत्ती लगाकर घूमता नजर आया। पूछा तो बताया कि समर्थक नहीं माने और जबरन ही गाड़ी पर लाल बत्ती लगा दी। अब समर्थकों का मन रखने के लिए हटाई नहीं। सतवीर ने कहा था कि चूंकि छात्रसंघ अध्यक्ष का चुनाव लोकतांत्रिक तरीके से होता है, तो उन्हें भी लालबत्ती लगाने की परमिशन दी जानी चाहिए।
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इन जनाब को दिखाना था, शादी में रुतबा

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जब्त की गई गाडी - फोटो : अमर उजाला
वहीं साल 2015 में राजस्थान के कामां में पुलिस ने लालबत्ती लगी गाड़ी को जब्त कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया। हरियाणा के फरीदाबाद के पाली गांव का रहने वाला आकाश भड़ाना अपने दोस्तों के साथ इनोवा में कामां के एक गांव में शादी में शरीक होने आया। अब शादी में अपना रुतबा दिखाने के लिए गाड़ी पर लाल बत्ती लगा ली। पुलिस की नजर पड़ी तो पूछताछ की गई। बस यहीं पर फर्जी वीआईपी की सच्चाई सामने आ गई।
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लाल बत्ती की फेर में चर्चित हो गया अधिकारी

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अधिकारी की गाड़ी - फोटो : अमर उजाला
ऐसा ही एक मामला एक सरकारी अधिकारी का भी चर्चा में रहा। झुंझुनू के अतिरिक्त जिला कलेक्टर रहे दाताराम की गाड़ी पर लालबत्ती लगी तो नियमों से परे लगाई गई लालबत्ती चर्चा का विषय बन गई। कहा जाता है कि उनके काम से ज्यादा चर्चा उनकी लाल बत्ती की रही।
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