जम्मू संभाग में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार की है। इसके तहत पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए तीन महीने का जम्मू महोत्सव आयोजित किया जाएगा। यह महोत्सव जम्मू संभाग के सभी 10 जिलों के पर्यटक स्थलों पर होगा। एडवेंचर तथा हेरिटेज पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिस्ट सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। मानतलाई को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। किश्तवाड़ के सुदूर इलाकों में भी पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह कहना है उप राज्यपाल मनोज सिन्हा का। वे अवाम की आवाज के चौथे संस्करण में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं में अपार प्रतिभा है। इन्हें उचित प्लेटफार्म प्रदान करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके तहत सभी पंचायतों में आने वाले कुछ सप्ताह में यूथ क्लब की स्थापना हो जाएगी। पहले चरण में 25 हजार युवाओं को विभिन्न सांस्कृतिक, खेल, कौशल विकास तथा सामुदायिक कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा। स्पोर्ट्स कौंसिल की ओर से रोजाना 4-5 प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। यह युवाओं को जोड़ने तथा रोजगार की दिशा में नई क्रांति लाएगा। परवाज योजना के तहत युवाओं को सिविल कोचिंग तथा अन्य परीक्षाओं की सबसे बेहतरीन कोचिंग दी जा रही है। मिशन यूथ के तहत 400 डेंटल सर्जन को अपनी क्लीनिक खोलने के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है।
अवाम की आवाज: पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए तीन माह होगा जम्मू महोत्सव, युवाओं को उचित प्लेटफार्म प्रदान करने को सरकार प्रतिबद्ध
इस कार्यक्रम से 800 पैरामेडिक्स को भी जोड़ा जाएगा। बांबे स्टॉक एक्सचेंज की मदद से 5000 युवाओं को वित्तीय सेवाओं के लिए तैयार किया जा रहा है। खेल को बढ़ावा देने के लिए पंचायत स्तर पर खेल प्रतियोगिताएं कराई जा रही हैं। सरकार 17 राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताएं कराने जा रही है जिसमें देशभर से 12 हजार खिलाड़ी भाग लेंगे। कहा कि युवाओं की क्षमता तथा दृष्टि से जम्मू-कश्मीर को ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।
दो वर्षों में कोल्ड स्टोरेज की क्षमता तीन गुना बढ़ेगी
एलजी ने कहा कि किसानों की आय को दोगुना करने के लिए सरकार ने पिछले 11 महीने में कई महत्वपूर्ण फैसले किए हैं ताकि उन्हें सामाजिक व आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। सरकार 30 हजार किसानों को 65 करोड़ की लागत से कृषि उपकरण प्रदान कर रही है। इसके अलावा 91 करोड़ की लागत से 25 हजार किसानों को आधुनिक सिंचाई साधन मुहैया कराए जा रहे हैं। कहा कि जम्मू के किसान रशपाल सिंह ने परंपरागत खेती को छोड़कर स्ट्राबेरी की खेती की और उनकी आय में 40 गुना की बढ़ोतरी हुई। पहली बार श्रीनगर से दुबई चेरी का निर्यात हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार मुहैया करा रही है। कहा कि किसानों ने प्रत्येक ब्लाक में बागवानी केंद्र, नई मंडियां खोलने तथा कोल्ड स्टोरेज की क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया है। सरकार कोल्ड स्टोरेज क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। अगले दो साल में 1.6 लाख मीट्रिक टन की क्षमता बढ़कर पांच लाख मीट्रिक टन हो जाएगी।
सीजनल शिक्षकों का मानदेय बढ़ेगा, रोजगार-व्यक्तित्व निर्माण जुड़ेगा पाठ्यक्रम से
उप राज्यपाल ने कहा कि सरकार कौशल विकास के प्रति शिक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है ताकि सभी प्रकार की चुनौतियों का सामना किया जा सके। सरकार नई शिक्षा नीति पर काम कर रही है और रोजगार तथा व्यक्तित्व निर्माण से जुड़े विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास सेक्टर में भी बदलाव लाया जा रहा है। सीजनल शिक्षकों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। शिक्षा विभाग इन स्कूलों के बच्चों के शेष छह महीने के पढ़ाई को लेकर योजना तैयार कर रहा है जिस पर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। कहा कि निष्ठा कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर को पहला स्थान मिला है। इस ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम से प्रदेश के 80600 प्राथमिक शिक्षक जुड़े। शिक्षकों के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने शिक्षा सुधार समिति का गठन करने का फैसला किया है। इसके अलावा बच्चों के पंजीकरण तथा उनके प्रदर्शन में सुधार की भी कोशिशें चल रही हैं।
नारी शक्ति के सशक्तीकरण को प्रयास
उप राज्यपाल ने कहा कि नारी शक्ति का हमारी संस्कृति व समाज में महत्वपूर्ण स्थान है। महिलाओं की मौजूदगी के बिना तथा बिना उनकी सामाजिक व आर्थिक विकास के किसी भी प्रकार का विकास संभव नहीं है। इसलिए महिला उद्यमियों के लिए अनुकूल माहौल प्रदान करने की दिशा में काम हो रहा है। तेजस्वनी तथा हौसला योजना से इन्हें संबल प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के साथ ही बाजार भी उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार महिलाओं के सामाजिक व शैक्षिक अधिकार को सुरक्षित रखने के साथ ही उन्हें अधिकतम मौके प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्रीनगर की गौहेरा, जम्मू की प्रिया वर्मा तथा भद्रवाह की रेवा रैना के सुझावों पर विचार करने को कहा।