भारी बारिश के बीच मंगलवार को शहर में चारों ओर तबाही का मंजर दिखा। शहर से सटे संपर्क मार्ग पर जगह जगह भूस्खलन और पेड़ गिरने से डीसी कार्यालय से सिद्धड़ा तक वाहनों की आवाजाही बंद रही। तवी नदी से सटे गुज्जर नगर से निचले हिस्से में दर्जनों घर पानी में डूब गए। गुज्जर नगर तवी पुल से सटा गोरखा नगर का भी निचला हिस्सा जलमग्न हो गया।
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ढहा हुआ तवी का चौथा पुल का हिस्सा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जुल्लाका मोहल्ला में बारिश के कारण सड़क की एक तरफा का हिस्सा धंस गया। आननफानन में लोगों ने अपने वाहनों को निकाला लेकिन एक आल्टो कार नंबर जेके02बीजी5226 वहीं फंस गई। सड़क के इस पूरे हिस्से के गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके थोड़ा आगे वाटर टैंक के नीचे भी भूस्खलन से वाहनों को क्षति हुई।
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देविका नदी के तट पर बने शमशान घाट भी हुआ जलमग्न
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बावा लाल द्वारा मंदिर से थोड़ा आगे पहाड़ी से भूस्खलन की चपेट में एक कार नंबर जेके02एक्स-5295 आ गई। अचानक पहाड़ से मलबा गिरने से चालकों को अपने वाहन निकालने का मौका ही नहीं मिला। यहां सड़क किनारे दर्जनों वाहन खड़े रहते हैं। भूस्खलन से दोनों तरफ से चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद हो गई है।
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मंगलवार को भारी बारिश के बाद हर की पौड़ी मंदिर आंशिक रूप से जलमग्न हो गया।
- फोटो : पीटीआई
डीसी कार्यालय के पास एक पेड़ का हिस्सा गिर जाने से बिजली का तार क्षतिग्रस्त हुए। तवी के उफान पर रहने से डीसी कार्यालय से गुज्जर नगर पुल तक करीब एक किमी जाम रहा। पुल से एहतियातन धीरे धीरे दोनों तरफ से वाहनों और लोगों को छोड़ा जा रहा था। इसके लिए ट्रैफिक और पुलिस कर्मियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुल से थोड़ा आगे गोरखा नगर मोहल्ले का निचला हिस्सा भी तवी के पानी में पूरी तरह से डूब गया था। इसे कई घर और वाहन पूरी तरह से जलमग्न हो गए थे।
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लोगों ने दौड़कर बिक्रम चौक तवी पुल पार किया, जब जलस्तर खतरे के निशान पर था
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
तवी में बाढ़ से इसके किनारे बसे सैकड़ों परिवारों के सामने संकट पैदा हो गया है। प्रशासन ने मंगलवार को निक्की तवी और तवी से सटे अन्य क्षेत्रों से 100 से अधिक परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इनमें अधिकांश लोग रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं।