लोकप्रिय और ट्रेंडिंग टॉपिक्स

अटल किस्साः जब भारत माता की जय कहने पर अब्दुल्ला को दिखाए गए जूते, दिल को छू लेने वाला फारूक का जवाब

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 20 Aug 2019 11:36 AM IST
फारुख अब्दुल्ला
1 of 10
विज्ञापन
घटना बीते साल 20 अगस्त की है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में दिल्ली में एक समारोह आयोजित किया गया था। इसमें फारूक ने 'भारत माता की जय' और जय हिंद के नारे लगाए लेकिन ऐसा करने से कुछ लोग नाराज हो गए। फारूक अब्दुल्ला को अपने लगाए गए नारे पर विरोध झेलना पड़ा था। 'भारत माता की जय' कहने पर फारूक को उनके ही प्रदेश में लोगों ने जूते दिखाए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। फारूक अब्दुल्ला ने इस मामले पर चुप्पी नहीं साधी, उन्होंने विरोध करने वालों को करारा जवाब दिया था।


यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट बंद होने पर भी गिलानी ने किए कई ट्वीट, बीएसएनएल के दो अधिकारी सस्पेंड
फारूक अब्दुल्ला
2 of 10
विरोध के बाद नौबत यह आ गई कि फारूक को एसएसजी एस्कार्ट की सुरक्षा देनी पड़ी। ईद के मौके पर उन्हें हजरतबल मस्जिद में कुछ युवाओं ने फिर धमकी दी, यहां तक कि उन्हें ईदगाह परिसर से भी बाहर करने की मांग की गई। फारूक ने इस मामले को चंद सिरफिरों की करतूत बताया था।


यह भी पढ़ेंः लेहः देश के लोगों को खूब लुभा रहा है आदि महोत्सव, 20 राज्यों के आदिवासी ले रहे हिस्सा, तस्वीरें
विज्ञापन
फारूक अब्दुल्ला
3 of 10
उन्होंने कहा था कि सियासी लोगों का विरोध लोकतंत्र में होता है, लेकिन विरोध के लिए गलत दिन का चुनाव किया गया। ईद पर लोग नमाज पढ़ने गए थे। विरोध तो बाद में भी हो सकता था। उन्हें क्या लगता है कि इससे फारूक डर जाएगा। फारूक कभी भी इससे डरने वाला नहीं है।


यह भी पढ़ेंः जम्मू-कश्मीर: घर से निकले नौनिहाल, घाटी में बच्चों की चहलकदमी से फिजा में घुला खूबसूरत रंग, तस्वीरें
फारूक अब्दुल्ला
4 of 10
फारूक इस घटना पर उदासीन दिखे और कहा था कि आज की कार्रवाई से प्यार नहीं बल्कि नफरत झलकती है। यह सबका वतन है। जो यहां रहते हैं सबका मुल्क है। इस प्रकार की हरकत मुल्क को कमजोर करने का प्रयास है। भारत माता की जय के नारे लगाना क्या गलत है। क्या हम हिंदुस्तान से अलग रहना चाहते हैं। हम गद्दार नहीं है। कश्मीरी कभी भी गद्दार नहीं हो सकता। पिछले 30 साल से बर्बादी झेल रहे हैं। पहले हमें इस मुसीबत से बाहर निकलना होगा। यह नारेबाजी से नहीं होगा। यदि होना होता तो 30 साल में हो गया होता।


यह भी पढ़ेंः पाकिस्तान की नींद उड़ा देगा जितेंद्र सिंह का यह बयान, भाजपा ने पीओके पर साफ कर दिए अपने इरादे
विज्ञापन
विज्ञापन
फारूक अब्दुल्ला
5 of 10
फारूक अब्दुल्ला ने कहा था कि अब भारत-पाक के बीच शांतिपूर्ण बातचीत का वक्त आ गया है। नफरतों से बाहर निकलने की जरूरत है। यह देश हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई और और यहां रहने वाले लोगों का है। अगर ये समझते हैं कि ऐसे आजादी आएगी तो मैं इनको कहना चाहता हूं कि पहले बेरोजगारी, बीमारी और भुखमरी से आजादी पाओ।


यह भी पढ़ेंः बौखलाया पाकिस्तान हमले की फिराक में, फिदायीन हमला कर सकते हैं आतंकी, पाकिस्तानी बैट सक्रिय

 
विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
Election
एप में पढ़ें
जानिए अपना दैनिक राशिफल बेहतर अनुभव के साथ सिर्फ अमर उजाला एप पर
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00