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कश्मीर घाटी में अमन बहाली के लिए एनएसए अजीत डोभाल का 4एम पीस ब्ल्यू प्रिंट तैयार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Pranjal Dixit Updated Tue, 20 Aug 2019 12:15 AM IST
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल
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  • एनएसए अजित डोभाल ने 11 दिन तक कश्मीर में डेरा डालने के बाद तैयार किया फार्मूला
  • मिलिटेंटस, मूवर्स एंड शेकर्स, मोवस्टर्स और मौलाना की गतिविधियों पर कड़ी नजर

अनुच्छेद 370 हटाए जाने तथा जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद उत्पन्न स्थिति को नियंत्रण तथा शांति स्थापित करने के लिए एनएसए अजित डोभाल के नेतृत्व में चार सूत्री फॉर्मूला वाला पीस ब्ल्यू प्रिंट तैयार किया गया है। इसे 4एम नाम दिया गया है। इस कार्ययोजना के अंतर्गत मिलिटेंटस, मूवर्स एंड शेकर्स, मोबस्टर्स और मौलाना की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। राज्य में विशेष तौर से कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने इस कार्ययोजना पर काम भी शुरू कर दिया है। 

आगे की स्लाइड्स में पढ़िए आखिर क्या है 4एम प्लान... 

कश्मीर में अजीत डोभाल
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सूत्रों के अनुसार कार्ययोजना को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से फीडबैक लेने के बाद तैयार किया है। पहले ‘एम’ के तहत आतंकी (मिलिटेंट्स) घुसपैठ को रोकने के तंत्र को पूरी तरह से मजबूत बनाते हुए घुसपैठियों को एलओसी पर ही मार गिराने की रणनीति है। इसके साथ ही राज्य के भीतरी हिस्सों में आतंकवादियों के खिलाफ अभियानों में भी तेजी लाई जाएगी। आतंकी संगठनों में नई भर्ती रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन, नागरिक समाज को भी पूरी तरह से विश्वास में लिया जाएगा। इसमें खासतौर से सीमा पार जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-ताइबा आदि आतंकी संगठनों के तैयार बैठे करीब 250 आतंकी बड़ी चुनौती रहेंगे।
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दूसरा ‘एम’ मूवर्स एंड शेकर्स यानी आंतकियों व उनके सरगनाओं के लिए काम करने वाले ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) पर भी पैनी नजर रखी जाएगी। पूरी घाटी में करीब छह हजार ओजीडब्ल्यू सक्रिय हैं, जिनमें से कई को गिरफ्तार किया गया है और कई की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी है।

 
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तीसरा ‘एम’ मोबस्टर्स यानी पत्थरबाजी में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी 16 वर्ष तक के किशोर को जो पहली बार पकड़ा जाएगा, उसको 20 परिजनों व निकट संबंधियों द्वारा हस्ताक्षर किए जाने वाले कम्यूनिटी बॉन्ड के आधार पर रिहा किया जाएगा। अगर वह दोबारा पकड़ा जाता है या पुराना पत्थरबाज है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 
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चौथा ‘एम’ मौलाना यानी धार्मिक मंच का इस्तेमाल करते हुए अगर कोई भी मौलाना जिहादी और अलगाववादी भावनाओं को पैदा कर हिंसा को भड़काने का प्रयास करता है तो उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाएगा। यहां तक कि उन्हें नजरबंद करने या पीएसए जैसे कड़े कानून के तहत गिरफ्तार करने की भी पूरी योजना तैयार की जा चुकी है।
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