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एसपी वैद ने खोला गिलानी पर सियासी मेहरबानी का चिट्ठा, घाटी के कुछ नेताओं को दिखाया आईना

Tue, 30 Jun 2020 05:29 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 30 Jun 2020 05:29 PM IST
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Former Jammu Kashmir DGP raised questions after resignation of separatist leader Syed Ali Shah Geelani
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद, गिलानी - फोटो : अमर उजाला

अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के हुर्रियत से अलग होने पर पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने अलगावादियों पर पूर्व सरकारों की मेहरबानी को बयां किया। वैद ने लिखा कि 23 मार्च 1999 को मैं डीआईजी बारामुला रहते आतंकी हमले में बुरी तरह से घायल हो गया था। मुझे और मेरे परिवार को दिल्ली में इलाज के लिए अपने स्तर पर व्यवस्थाएं करनी पड़ीं, लेकिन देश विरोधी गिलानी को निजी उपचार के लिए सरकारी विमान में मुंबई ले जाया गया। क्या ये सही था ?

Former Jammu Kashmir DGP raised questions after resignation of separatist leader Syed Ali Shah Geelani
जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

ट्विटर पर उन्होंने अलगाववादियों के साथ तत्कालीन सराकारों के रिश्तों को लेकर एक पत्रिका में छपे एक लेख को भी साझा किया है। गौरतलब है कि पूर्व डीजीपी एसपी वैद जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के दौर का चरम देख चुके हैं। 
 

Former Jammu Kashmir DGP raised questions after resignation of separatist leader Syed Ali Shah Geelani
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : PTI

प्रदेश में ग्रामीणों को ट्रेनिंग और हथियार दिलाने की योजना विलेज डिफेंस कमेटी भी उन्होंने शुरू कर दी थी। रिटायर होने के बाद वे आतंकवाद को लेकर तत्कालीन सरकारों की नीतियों पर कई बार सवाल उठा चुके हैं।

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Former Jammu Kashmir DGP raised questions after resignation of separatist leader Syed Ali Shah Geelani
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : अमर उजाला

बता दें कि नब्बे साल के सैयद अली शाह गिलानी जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान परस्त सबसे बड़ा अलगाववादी चेहरा हैं। यह कश्मीर में रहकर पाकिस्तान का भारत विरोधी एजेंडा चलाते रहे हैं। अलगाववादी समूहों का नेतृत्व करने वाली ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष रहते कश्मीर में आतंकियों को उनका समर्थन रहा है।

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Former Jammu Kashmir DGP raised questions after resignation of separatist leader Syed Ali Shah Geelani
सैयद अली शाह गिलानी - फोटो : सोशल मीडिया

शुरुआती दौर में वह जमात-ए-इस्लाम नाम की सियासी तंजीम के सदस्य थे। बाद में उन्होंने तहरीक-ए-हुर्रियत की स्थापना की। गिलानी तीन बार अपने पैतृक इलाके बारामुला जिले के सोपोर क्षेत्र से क्रमश: 1972, 1977 और 1987 में विधायक भी रह चुके हैं।

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