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घाटी के कई इलाकों में फिर लगाई गईं पाबंदियां, तस्वीरों में देखें हाल-ए-कश्मीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 20 Sep 2019 07:13 PM IST
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
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कश्मीर में जुमा की नमाज के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन शुक्रवार को कई इलाकों में फिर से पाबंदियां लगाई गईं। संवेदनशील इलाकों में सड़कों पर कंटीले तार लगाए गए। इसके साथ ही सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना किया जा सके।
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हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए घाटी के कुछ इलाकों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत प्रतिबंध लगाए गए हैं। श्रीनगर के सौरा पुलिस थाने के अंचार इलाके, नौहट्टा व आस-पास के इलाकों में प्रतिबंध लगाए गए हैं।
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- फोटो : बासित जरगर
कुपवाड़ा और हंदवाड़ा पुलिस थानों और गांदरबल, अनंतनाग और बिजबिहाड़ा में भी पाबंदियां हैं। घाटी के शेष संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए।
हाल-ए-कश्मीर
- फोटो : बासित जरगर
ऐसी आशंका थी कि कुछ निहित स्वार्थी गड़बड़ी फैलाने के लिए जुमा की नमाज के लिए एकत्र होने वाली भीड़ का फायदा उठा सकते हैं। इसके मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि, कहीं से भी गड़बड़ी की सूचना नहीं है। नौहट्टा में जामिया मस्जिद या हजरतबल में दरगाह शरीफ समेत घाटी में किसी भी बड़ी मस्जिद में नमाज अदा करने की अनुमति नहीं है।
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- फोटो : बासित जरगर
धमकियों के बाद भी सड़कों पर निकले वाहन
आतंकियों की धमकी के बाद भी भारी संख्या में निजी वाहन सड़कों पर चलते दिखे। दुकानें सुबह-शाम खुलीं। पटरी तथा रेहड़ी वाले भी काफी संख्या में दिखे। लाल चौक वाले इलाके में माहौल सामान्य रहा। सार्वजनिक वाहन कम संख्या में चले। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद माहौल में सुधार आने पर धीरे-धीरे घाटी के कई हिस्सों से चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए गए थे। पूरी घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा बहाल कर दी गई है। कुपवाड़ा व हंदवाड़ा को छोड़कर शेष सभी स्थानों पर मोबाइल सेवा बंद है। इंटरनेट सेवा भी अभी बहाल नहीं हो पाई है। स्कूलों में उपस्थिति कम है। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से फिलहाल सुरक्षा कारणों से डर रहे हैं।
आतंकियों की धमकी के बाद भी भारी संख्या में निजी वाहन सड़कों पर चलते दिखे। दुकानें सुबह-शाम खुलीं। पटरी तथा रेहड़ी वाले भी काफी संख्या में दिखे। लाल चौक वाले इलाके में माहौल सामान्य रहा। सार्वजनिक वाहन कम संख्या में चले। राज्य का विशेष दर्जा समाप्त किए जाने के बाद माहौल में सुधार आने पर धीरे-धीरे घाटी के कई हिस्सों से चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध हटाए गए थे। पूरी घाटी में लैंडलाइन टेलीफोन सेवा बहाल कर दी गई है। कुपवाड़ा व हंदवाड़ा को छोड़कर शेष सभी स्थानों पर मोबाइल सेवा बंद है। इंटरनेट सेवा भी अभी बहाल नहीं हो पाई है। स्कूलों में उपस्थिति कम है। माता-पिता बच्चों को स्कूल भेजने से फिलहाल सुरक्षा कारणों से डर रहे हैं।

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