जम्मू संभाग नगरोटा में मारे गए आतंकियों और इनके हैंडलर के खिलाफ एक मजबूत केस बनाया जा रहा है। ताकि कोई भी आरोपी छूट न सके। साथ ही पाकिस्तान के खिलाफ डोजियर भी तैयार किया जा रहा है। इस मामले में पाकिस्तान का हाथ होने के पुख्ता सबूत जुटाए गए हैं। वहीं इस हमले में पुलिस की ओर से पकड़े गए छह आरोपियों को एनआईए( राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है। जिनसे पूछताछ शुरू कर दी गई है।
नगरोटा हमलाः पाकिस्तान के खिलाफ एक और मजबूत केस बनाने की तैयारी, छह आरोपियों से एनआईए ने की पूछताछ
समीर डार, सरताज मंटू, आसिफ, सोहेल लोन, जाहूर अहमद और सोहेब मंजूर पकड़े गए हैं। इन सभी के खिलाफ सीमा पार से आने वाले आतंकियों को कश्मीर पहुंचाने और उनके लिए काम करने के पुख्ता सबूत एनआईए के पास हैं। पुलिस की तरफ से बनाई गई केस डिटेल भी एनआईए को सौंप दी गई है। पुलिस ने बारीकी से हर एक पहलू पर जांच पूरी करने के बाद रिपोर्ट दी है, ताकि आरोपी किसी तरह से छूट न सकें।
बता दें कि नगरोटा हमले का मुख्य हैंडलर समीर डार काफी समय से कठुआ और सांबा बॉर्डर से आतंकियों को कश्मीर ले जा रहा था। वह अब तक 20 से अधिक आतंकियों को इसी तरह से ट्रक में कश्मीर पहुंचा चुका है। इसका खुलासा पकड़े गए आतंकियों के हैंडलर समीर डार से पूछताछ में किया है।
सूत्रों का कहना है कि समीर डार लंबे समय से जैश के लिए काम कर रहा था। समीर का भाई मंजूर डार 2016 में एक आतंकी हमले में मारा गया था। जबकि 2019 में समीर के चचेरे भाई आदिल ने पुलवामा हमले को अंजाम दिया। पुलवामा हमले में भी आदिल का समीर ने साथ दिया था।
आतंकियों का मारा जाना एक बड़ी कामयाबी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस के पास हमले के पहले से इनपुट थे। पुलिस के खुफिया तंत्र के पास इसकी जानकारी थी कि कुछ आतंकी कठुआ जिले के बॉर्डर से घुसपैठ करने के बाद कश्मीर जाने की फिराक में हैं। तभी पुलिस ने इस हमले एक दिन पहले ही वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी थी। कश्मीर जाने वाले अधिकतर वाहनों को रोक -रोककर तलाशी ली जा रही थी।
