हिजबुल कमांडर नवीद बाबा के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह के मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने रविवार को घाटी में पांच स्थानों पर छापे मारे। दक्षिणी कश्मीर के कुलगाम व शोपियां जिले में टीम ने एक सरपंच, पकड़े गए आतंकी व ओजीडब्ल्यू के घरों और निजी कार्यालय पर छापा मार कर कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
'आतंकियों का मददगार' दविंदर मामलाः एनआईए को मिले कई आपत्तिजनक दस्तावेज, खुलने लगीं जुर्म की परतें
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11 जनवरी को डीएसपी को नवीद बाबा को घाटी से बाहर ले जाते समय दो अन्य आतंकियों रफी अहमद राथर व इरफान शफी मीर के साथ काजीगुंड के पास गिरफ्तार किया गया था। रफी और इरफान खुद के वकील होने का दावा कर रहे थे।
पकड़े गए आतंकियों व डीएसपी से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर छापामारी के लिए कई टीमें बनाई गईं हैं। रविवार सुबह इन टीमों ने कुलगाम और शोपियां में एक साथ छापा मारा। गिरफ्तार आतंकी रफी अहमद राथर के जैनापोरा में घर पर तलाशी ली गई। टीम ने लश्कर आतंकी आदिल हुसैन व सरपंच तारिक अहमद मीर के घर के साथ ही मलडेरा में कुछ ओजीडब्ल्यू के घर भी खंगाले। सूत्रों ने बताया कि एनआईए टीम ने शोपियां जिले के मानिहाल, बटपोरा, मलडेरा, नाजनीनपोरा-गनपोरा व दाहरू गांव में छापा डाला।
एनआईए की 20 सदस्यीय एक अन्य टीम शनिवार को श्रीनगर पहुंची थी। इससे पहले एनआईए के डीजी ने भी जम्मू पहुंचकर जांच की प्रगति की जानकारी हासिल की थी। उन्होंने उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू से मुलाकात करने के बाद उन्हें जांच और पूछताछ में मिली जानकारी के बारे में भी बताया था।
नवीद बाबा के भाई सैयद इरफान अहमद को 23 जनवरी को पंजाब से लाकर गिरफ्तार किया गया था। नवीद लगातार अपने भाई के संपर्क में था। उसने कश्मीर की ठंड से बचने के लिए चंडीगढ़ में रहने की जगह तलाशने को कहा था। वाहन चला रहे इरफान शफी मीर की गिरफ्तारी एनआईए के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसा आरोप है कि वह पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर काम कर रहा है। वह भारतीय पासपोर्ट पर पड़ोसी देश पांच बार जा चुका है।