पुंछ जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा के गांव शाहपुर के रहने वाले 65 वर्षीय बदरदीन पुत्र अब्दुल्ला अपने जीवन की अंतिम जुम्मे की नमाज भी अता नहीं कर पाया। पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के बीच बदरदीन घर से कुछ मीटर दूरी पर स्थित मस्जिद में नमाज अता करने पहुंचा था। लेकिन मस्जिद के अंदर उसने पांव रखा ही था कि हमला हो गया, इस हमले की चपेट में आने से वह मस्जिद के बरामदे में गिरा, जहां उसने अंतिम सांस ली।
मस्जिदों पर पाकिस्तान का कहर, नमाज भी न अता कर पाया बदरदीन, खुदा के घर में तोड़ा दम
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करीब डेढ़ बजे सामूहिक नमाज के लिए जब कई नमाजी इकट्ठा हुए तो अपने घर में पशुओं के चारे सहित अन्य कामों में जुटा बदरदीन भी काम छोड़ नमाज अता करने के लिए भागा-भाग मस्जिद के बरामदे तक ही पहुंच पाया कि एक गोला मस्जिद की छत को चीरता हुआ घुस गया।
अन्य नमाजी बदरदीन को उठाने पहुंचते कि एक ओर बम मस्जिद के पास गिर गया। वहां मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। मस्जिद के अंदर भी दो नमाजी घायल पड़े थे, जिन्हें लोगों ने उठाकर अस्पताल पहुंचाया। वहीं डीसी पुंछ राहुल यादव और एसएसपी रमेश अंगराल ने पुंछ अस्पताल पहुंचकर घायलों का कुशलक्षेम जाना। उन्होंने मातहतों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की हिदायत दी। इस दौरान डीसी ने मृतक परिवार को एक लाख और घायलों को पांच हजार रुपये सहायता के रूप में दिए जाने की घोषणा की।
इससे पहले भी इन धार्मिक स्थलों को बनाया निशाना
2017 में गांव नक्कर कोट की मस्जिद पर गोले दागे।
2018 में शाहपुर की ही दो मस्जिदों को निशाना बनाया गया।
2019 में शाहपुर की दरगाह के साथ ही दो बार गांव गूंतरियां स्थित साईं मीरा बख्श की जियारत को निशाना बनाया।