अंतरराष्ट्रीय सीमा पर मार गिराए गए ड्रोन और उससे बरामद हथियारों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि यूएस निर्मित एम-4 कार्बाइन समेत हथियारों का यह जखीरा कश्मीर में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद आतंकी फुरकान को सौंपा जाना था। इस आतंकी का कोड नाम अली भाई है।
कौन है आतंकी अली? जिसके लिए पाकिस्तान ने ड्रोन से भेजे थे चीन निर्मित ग्रेनेड और घातक अमेरिकी राइफल
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इस बीच हीरानगर में मार गिराए गए ड्रोन के मामले की जांच जारी है। रविवार को भी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में जहां पुलिस, सीआरपीएफ सेना और बीएसएफ ने नालों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी खंगाला। वहीं हथियारों का जखीरा लाते गिराए गए ड्रोन को अब चंडीगढ़ लैब में जांच के लिए भेजे जाने की तैयारी है।
सूत्रों के अनुसार मामले की जांच एनआईए को भी सौंपी जा सकती है। श्रीनगर में तीन आतंकियों के मारे जाने के बाद आईजी (कश्मीर जोन) विजय कुमार ने बताया कि शनिवार को रठुआ में बीएसएफ ने हथियार से लदे पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था। इससे बरामद हथियारों का जखीरा आतंकी अली भाई को भेजा जाना था।
रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला है कि कुलगाम जिले में सक्रिय जैश-ए-मोहम्मद के पाकिस्तानी आतंकी का नाम फुरकान है। जिसका कोड अली भाई है। फुरकान के लिए ही ड्रोन से राइफल भेजी गई थी।
ड्रोन से बरामद हथियारों में यूएस निर्मित एम-4 राइफल और चीन निर्मित ग्रेनेड भी शामिल हैं। कश्मीर में कई आतंकी सरगनाओं के पास पूर्व में एम-4 राइफल होने की पुष्टि भी हो चुकी है। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।