पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पास आतंकी गतिविधियों को चलाने के लिए पैसे नहीं हैं, इसलिए वह कश्मीर में ड्रग्स बेचकर पैसा जुटाने में लगी है। इसके लिए बड़े स्तर पर कश्मीर में आतंकियों के मददगारों को लगाया गया है। जो कश्मीर से लेकर पंजाब तक ड्रग्स पहुंचा रहे हैं। इससे इकट्ठा होने वाला पैसा आतंकियों को दिया जा रहा है। यही नहीं, सीमा पार से आने वाले हथियारों को भी आतंकियों तक पहुंचाया जा रहा है। एक माह में 150 करोड़ से अधिक ड्रग्स भेज चुकी है।
कंगाल पाकिस्तान की हकीकत, हेरोइन बेचकर पैसा जुटा रही खुफिया एजेंसी आईएसआई, गवाह हैं ये तस्वीरें
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11 जून को सुरक्षा एजेंसियों ने कश्मीर के हंदवाड़ा में आतंकियों के तीन मददगारों को दबोचा था। इनके पास से 1.34 करोड़ रुपये की नकदी, 80 करोड़ रुपये की 21 किलो हेरोइन बरामद की गई थी। इसके बाद 27 जून को कुपवाड़ा में आतंकियों के पांच मददगारों से 60 करोड़ रुपये की 13.5 किलो हेरोइन बरामद हुई थी।
11 जून को पठानकोट अमृतसर हाईवे पर कश्मीर के ड्रग्स तस्कर दबोचे गए। इनके पास से हथियार भी मिले। इसके पहले भी कई बार ड्रग्स की खेप के साथ आतंकियों के मददगारों को दबोचा गया है। आतंकी रियाज नायकू के लिए काम करने वाले पंजाब में सक्रिय मददगारों से भी 25 अप्रैल को करोड़ों रुपये की ड्रग्स पकड़ी गई थी।
खुफिया विंग के एक उच्च अधिकारी ने बताया कि पाकिस्तान कश्मीर और जम्मू की एलओसी को ड्रग्स की सप्लाई के लिए इस्तेमाल कर रहा है। पहले पंजाब बॉर्डर से ड्रग्स भेजी जाती थी। अब कश्मीर और जम्मू की एलओसी से भेजी जा रही है।
पाकिस्तान हेरोइन की सप्लाई ज्यादा भेज रहा है, क्योंकि इसकी कीमत अधिक होती है। कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामुला, राजोरी और पुंछ के अलावा कभी कभार जम्मू, सांबा और कठुआ बॉर्डर से सप्लाई भेजी जाती है। बड़े स्तर पर आतंकियों के मददगारों को ड्रग्स सप्लाई में लगाया गया है। इसके खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों को एक विशेष रणनीति के तहत काम करना होगा।
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