जानें भारत-पाक 1971 युद्ध के उस जाबांज की कहानी जिसने दुश्मन के घर में उसको शिकस्त दी। हम बात कर रहें हैं निर्मलजीत सिंह सेखो की जो भारतीय वायु सेना के एकमात्र परमवीर चक्र विजेता हैं।
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1971 war
- फोटो : file photo
1971 के युद्ध को जब भी याद किया जाएगा, फ्लाइंग आफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों की वीरता का जिक्र जरूर सामने आएगा। सेखों ने विपरीत परिस्थितियों की परवाह किए बगैर पाकिस्तान के 6 सैबर जेट विमानों को अकेले धूल चटाई और दो को डॉग फाइट में मार गिराया, बाकी के चार विमानों को भाग जाने पर मजबूर किया।
दिसंबर 1971 में जब एक साथ पाकिस्तानी फौज ने 11 वायु सेना के हमारे हवाई अड्डों पर हमला किया, सेखो एयरबेस श्रीनगर में अपनी नेट एयर स्क्वाड्रन के साथ तैनात थे। उन पर श्रीनगर को हवाई हमलों से बचाने का दायित्व था। चौदह दिसंबर को सुबह आठ बजे एक साथ छह पाकिस्तानी सैबर जेट विमानों ने श्रीनगर एयरबेस को निशाना बनाया।
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भ्ाारत पाकिस्तान युद्ध 1971
धुम्मन के विमान से सेखो का संपर्क नहीं हो रहा था। इसलिए उन्हें दूसरा पाकिस्तानी जेट जो पास ही उड़ रहा था, उसके पीछे लग गए। एक दूसरा पाकिस्तानी जेट उनके साथ और दो पीछे आ रहे थे। उन्होंने इसकी परवाह किए बगैर दूसरे आगे उड़ते दुश्मन के विमान को डॉग फाइट में उलझाए रखा और बाद में मार गिराया।
जैसे ही तीसरे विमान को निशाने पर ले रहे थे, उन्हें पता चला कि उनके विमान में आग लग चुकी है। कुछ देर बाद उनका आखिरी संदेश सुनाई दिया-‘शायद मेरा नेट भी निशाने पर आ गया है... धुम्मन। अब तुम मोर्चा संभालो।’ ...और उनका जहाज जलता हुआ नीचे गिरते देखा गया और भारत का वो वीर जवान सदा सदा के लिए अमर हो गया।