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जवानों की भुजाएं उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं, जिनके इर्द-गिर्द वे तैनात हैं: पीएम मोदी

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: Vikas Kumar Updated Fri, 03 Jul 2020 10:07 PM IST
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Prime Minister Modi reached Leh boosted troops posted on ground zero
पीएम मोदी ने लेह में की सुरक्षाबालों से मुलाकात - फोटो : amar ujala

चीन के साथ तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ग्राउंड जीरो पर तैनात भारतीय जवानों का हौसल बढ़ाने लेह पहुंचे। उन्होंने जवानों से कहा कि उनका मां भारती के प्रति समर्पण अतुलनीय है। उन्होंने सेना, वायुसेना, आईटीबीपी और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों के साथ बैठकें भी कीं।



प्रधानमंत्री के पहुंचने पर जवानों में जोश भर गया। भारत माता की जय, वंदे मातरम के जैकारे गूंजने लगे। प्रधानमंत्री ने भी एलएसी पर तैनात जवानों का अभिनंदन करते हुए कहा, जिन कठिन परिस्थितियों में और जिस ऊंचाई पर आप मां भारती की ढाल बनकर उसकी रक्षा और सेवा करते हैं उसका मुकाबला पूरे विश्व में कोई भी नहीं कर सकता। आपका साहस उस ऊंचाई से भी ऊंचा है जहां आप तैनात हैं। आपकी भुजाएं उन चट्टानों जैसी मजबूत हैं जो आपके इर्द-गिर्द खड़ी हैं। 

आपकी इच्छा शक्ति आसपास के पर्वतों जितनी अटल है। आज आपके बीच आकर मैं इसे महसूस कर रहा हूं, साक्षात अपनी आंखों से देख रहा हूं। उन्होंने कहा, साथियों जब देश की रक्षा आपके हाथों और आपके मजबूत इरादों में है तो अटूट विश्वास मुझे नहीं बल्कि पूरे देश को है और देश निश्चिंत भी है। आत्मनिर्भर भारत का संकल्प आप लोगों के त्याग, बलिदान के कारण और मजबूत होता है।

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Prime Minister Modi reached Leh boosted troops posted on ground zero
पीएम मोदी ने की घायल जवान से की मुलाकात - फोटो : amar ujala

गलवां घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हुई भिड़ंत पर प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी जो आपने और आपके साथियों ने वीरता दिखाई है उसने पूरी दुनिया में यह संदेश दिया है कि भारत की ताकत क्या है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों ‘जिनके सिंहनाद से सहमी धरती रही अभी तक डोल, कलम, आज उनकी जय बोल’ के साथ गलवां घाटी में शहीद हुए वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने लद्दाख में तैनात सेना की 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स) की सरहाना करते हुए कहा, 14 कोर की जांबाजी के किस्से तो हर तरफ है। दुनिया ने आपका अदम्य साहस देखा है। आपकी शौर्य गाथाएं घर-घर में गूंज रही हैं। भारत माता के दुश्मनों ने आपकी फायर भी देखी है और आपकी फ्यूरी भी। 

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Prime Minister Modi reached Leh boosted troops posted on ground zero
लेह में तैनात भारतीय सेना - फोटो : amar ujala

उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि लद्दाख का यह हिस्सा तो भारत का मस्तक है और 130 करोड़ भारतीयों के मान सम्मान का प्रतीक है। यह भूमि भारत के लिए सर्वस त्याग करने के लिए हमेशा तैयार रहने वाले राष्ट्र भक्तों की धरती है। इस धरती ने रिंगपोचे जैसे महान राष्ट्र भक्त इस देश को दिए। उन्होंने दुश्मन के नापाक इरादों में स्थानीय लोगों को लामबंद किया। रिंगपोचे की अगुवाई में यहां अलगाव पैदा करने की हर साजिश को लद्दाख की राष्ट्र भक्त जनता ने नाकाम किया। उन्हीं के प्रयासों के परिणाम के चलते देश और भारतीय सेना को लद्दाख स्काउट नाम से इंफेट्री रेजीमेंट बनाने की प्रेरणा मिली।

Prime Minister Modi reached Leh boosted troops posted on ground zero
पीएम मोदी ने शहीदों किया नमन - फोटो : amar ujala

करीब एक घंटे से अधिक समय वहां बिताने के बाद प्रधानमंत्री लेह स्थित टेक्निकल एयरपोर्ट पहुंचे। उन्होंने सेना, वायुसेना, आईटीबीपी और सिविल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने गलवां घाटी में पैदा हुए तनाव और लद्दाख की सुरक्षा व्यवस्था के साथ विकास कार्यों को लेकर विचार विमर्श किया। इस दौरान लद्दाख के उपराज्यपाल आरके माथुर और लेह से सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की और उनके साथ मौजूदा हालातों को लेकर चर्चा की गई। कई घंटे चली बैठकों के बाद प्रधानमंत्री दोपहर करीब 1 बजे लेह के टेक्निकल एयरपोर्ट से करीब 2 किलोमीटर दूर स्थित सेना के बेस अस्पताल गए जहां उन्होंने गलवां के जांबाजों से मुलाकात की।

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Prime Minister Modi reached Leh boosted troops posted on ground zero
पीएम मोदी ने शहीदों को दी सलामी - फोटो : amar ujala

प्रधानमंत्री ने अचानक लेह पहुंचकर चौंका दिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बाद चीफ ऑफ  डिफेंस स्टाफ  (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत के लेह दौरे के प्लान के बीच अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को लेह पहुंचने की खबर ने सबको चौंका दिया, क्योंकि इसकी जानकारी किसी के पास नहीं थी। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री दिल्ली से करीब 7 बजे एक विशेष विमान से लेह के लिए निकले और सुबह करीब सवा आठ बजे लेह के टेक्निकल एयरपोर्ट पर पहुंचे। वहां से उन्हें करीब 35 किलोमीटर दूर निममो के फारवर्ड एरिया में स्थित सेना की गैरिसन में ले जाया गया। इस दौरान उनके साथ सीडीएस जनरल बिपिन रावत, सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, उत्तरी कमांड के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी, लद्दाख में स्थित सेना की 14वीं कोर (फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स) के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह के अलावा अन्य अधिकारी थे।

वहां पहुंचने पर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी और लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री को गलवां घाटी में हुई घटना के बारे में पूरी जानकारी दी। इसके अलावा इस घटना के बाद वहां पैदा हुई स्थिति और दुश्मन को जरूरत पड़ने पर मुंहतोड़ जवाब के लिए सेना की तैयारियों से भी अवगत करवाया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने वहां मौजूद सेना, आईटीबीपी और वायुसेना के जवानों से भी मुलाकात की और उनका मनोबल बढ़ाया।  करीब 6 घंटे बाद प्रधानमंत्री दिल्ली लौट गए।

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