हिजबुल कमांडर रियाज नायकू के मारे जाने के बाद मीर सैफुल्लाह को संगठन की कमान सौंपी जाने की चर्चा है। ए प्लस प्लस श्रेणी के सैफुल्लाह पर 10 लाख रुपये का इनाम है। वह 2014 से कश्मीर में सक्रिय है। पुलवामा के मलंगपोरा का मीर सैफुल्लाह इस समय ऑपरेशनल कमांडर है। सुरक्षाबलों की ओर से जारी आतंकियों की टॉप टेन लिस्ट में अब वह इकलौता बचा है। सुरक्षाबलों की ओर से उसकी लगातार तलाश की जा रही है।
नायकू के खात्मे के बाद सैफुल्लाह बना सरगना! सामने आया पाकिस्तान का आतंक प्रेम
वहीं हिजबुल मुजाहिदीन आतंकी रियाज नायकू मारा क्या गया, पाकिस्तान में मौजूद उसके आका सैयद सलाहुद्दीन की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई है। इस्लामाबाद में बोलते हुए सलाहुद्दीन का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह सहमा हुआ नजर आया। नायकू के खात्मे को अपने लिए सदमा बताया। साथ ही भारत को दुश्मन करार दिया लेकिन स्वीकारा कि इस समय भारत का पलड़ा भारी है।
नायकू का उल्लेख करते हुए सलाहुद्दीन की आवाज कांप रही थी। उसने भारतीय सेना के ऑपरेशन ऑल आउट पर कहा कि जनवरी 2020 से अब तक 80 आतंकियों को भारतीय सेना खत्म कर चुकी है।
सलाहुद्दीन ने हंदवाड़ा हमले की जिम्मेदारी भी ली है। वहीं विशेषज्ञों के अनुसार नायकू के खात्मे के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन की कमर टूट चुकी है। इतना ही नहीं अब सलाहुद्दीन खुद को भी खतरे में महसूस कर रहा है।
वहीं आतंकी सलाहुद्दीन का खुलेआम सभा करना और पाकिस्तान को कोसना ये स्पष्ट करता है कि पाकिस्तान की इमरान सरकार आतंकियों के आगे नतमस्तक है। इतना ही नहीं इस आतंकी सभा की भारी संख्या पाकिस्तान की पोल खोल रही है।