कठुआ बवाल को टालने वाले एसएसपी की 'जुबान का जादू', आठ भाषाओं का है ज्ञान
ये था पूरा मामला
शुक्रवार सुबह चिनाब टेक्सटाइल मिल में आधा वेतन मिलने पर भड़के श्रमिकों ने हाईवे से सटी इकाई में घुसकर तोड़फोड़ की। इतना ही नहीं पुलिस और मजदूरों के बीच हुई झड़प में काफी नुकसान भी हुआ। आक्रोशित भीड़ को संभालना पुलिस के लिए चुनौती बनता जा रहा था। इसी बीच पुलिस ने भीड़ को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया।
लाठीचार्ज से श्रमिक और भड़क गए, उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। इसके साथ ही पुलिस की जिप्सी सहित वहां खड़े कई वाहनों को तोड़ दिया। पुलिस टीम पर भी हमला कर दिया। इस दौरान पुलिस के जवान घायल हुए। स्थिति इतनी बिगड़ी कि पुलिसवालों को अपनी गाड़ी छोड़ पीछे हटना पड़ा।
इसके बाद एसएसपी कठुआ डॉ. शैलेंद्र मिश्रा ने खुद कमान संभाली। आक्रोशित भीड़ को कैसे काबू करना है, उनकी बात कैसी सुननी है और उनको कैसे समझाना है, इसकी बेहतरीन मिसाल एसएसपी कठुआ ने पेश करते हुए मजदूरों से उनकी ही भाषा में बात करनी शुरू की।
लाउडस्पीकर से निकले भोजपुरी के शब्द जैसे ही मजदूरों के कानों तक पहुंचे वह एकदम शांत से हो गए। उस दौरान मजदूरों को लगा कि उनका कोई अपना ही उनसे बात करने आया है। इसी दौरान उन्होंने देखा कि एसएसपी कठुआ उनसे शांत रहने और अपना पक्ष रखने की भोजपुरी में अपील कर रहे हैं। उन्होंने उग्र हुई भीड़ के बीच बढ़ने के साथ ही पुलिस को भी पीछे हटने के निर्देश दे दिए।