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संकट के दौर से गुजर रहा कश्मीर का व्यावसायिक तबका, अनुच्छेद 370 हटने के छह महीने बाद ऐसी है तस्वीर

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू/श्रीनगर Published by: प्रशांत कुमार Updated Thu, 06 Feb 2020 11:15 AM IST
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six months after Article 370 removed Kashmir's Business section going through crisis
हाउस बोट

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के छह माह बाद भी डल झील के किनारे खड़े हाउस बोट्स, स्कीइंग के लिए मशहूर गुलमर्ग के अधिकांश होटल खाली हैं। जबकि सर्दियों के मौसम में ये होटल और हाउस बोट्स पूरी तरह फुल रहा करते थे। इसके साथ ही इनके आसपास कालीन, कशीदाकारी वाले कपड़े और केसर बेचने वाली दुकानें भी खाली नजर आ रही हैं।



 

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हाउस बोट

स्थानीय लोग कहते हैं कि आतंकवाद से लंबे समय से परेशान लोग इस समय गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सरकार को उनके आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए बेल आउट पैकेज देना चाहिए, परंतु अभी तक इसके कोई संकेत नहीं मिले हैं।

 

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six months after Article 370 removed Kashmir's Business section going through crisis
- फोटो : अमर उजाला

कश्मीर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष शेख आशिक अहमद का कहना है कि पांच अगस्त 2019 के बाद से लगी पाबंदियों से दिसंबर के पहले सप्ताह तक लगभग 18,000 करोड़ रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ है। हमने व्यापार का एक बड़ा सीजन खो दिया।

 

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डल झील में शिकारा - फोटो : अमर उजाला

उन्होंने कहा कि रेशम कालीन उद्योग में कार्यरत 50,000 से अधिक बुनकर यूरोप से कोई ऑर्डर न मिलने के कारण बेरोजगार हो गए हैं। होटल व्यवसायी आसिफ इकबाल का कहना है कि पर्यटन उद्योग वेंटिलेटर पर है। गंभीर संकट के दौर से गुजर रहे पर्यटन उद्योग को बचाने के लिए बेलआउट पैकेज की आवश्यकता है।

 

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शिकारा - फोटो : अमर उजाला

ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले निगहत शाह ने कहा कि उन्होंने एक ट्रैवल एजेंसी शुरू करने के लिए 2016 में कर्ज लिया था। उस समय मुझे यकीन था कि वह पांच साल में कर्ज अदा कर मुक्त हो जाएंगे। लेकिन वर्तमान परिस्थितियों में उसे कर्ज चुकाने के लिए अपने ऑफिस के फर्नीचर तक को बेचना पड़ रहा है।

 

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