Easy Way to Check Heart Health: अक्सर हम गंभीर बीमारियों का पता लगाने के लिए महंगे ब्लड टेस्ट और स्कैन पर निर्भर रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि बीमारियां खून की रिपोर्ट में आने से काफी पहले ही शरीर में लक्षण दिखाना शुरू कर देती हैं।
Health Tips: घर बैठे बिना खर्च कर सकते हैं किडनी-लिवर और दिल की स्थिति, डॉक्टर ने बताया ये 5 आसान टेस्ट
Ways to Increase Lung Capacity: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि शरीर में महत्वपूर्ण अंग (दिल, मष्तिष्क, फेफड़ा, किडनी और लिवर) पूरी तरह के खराब होने के बाद पता चलता है। ऐसे में आप घर बैठे अपने किडनी और लीवर का जांच कर शुरुआती चरण ही बीमारी का पता लगा सकते हैं। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
हृदय की जांच
हृदय की मजबूती जांचने के लिए डॉक्टर ने 'स्टेप टेस्ट' का सुझाव दिया है। इसके लिए आप तीन मिनट तक लगातार सीढ़ियां चढ़ें और उतरें फिर बैठ जाएं। अगर बैठने के बाद अगले तीन से चार मिनट के भीतर आपका हार्ट रेट और सांस लेना सामान्य हो जाता है, तो इसका मतलब है कि आपका हृदय स्वस्थ है।
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फेफड़ों की सेहत
फेफड़ों की क्षमता मापने के लिए एक लंबी और गहरी सांस लें और उसे रोक कर रखें। डॉक्टर के अनुसार अगर आप अपनी सांस को बिना किसी परेशानी के 30 सेकंड तक रोक पाने में सक्षम हैं, तो आपके फेफड़े अच्छी स्थिति में माने जाएंगे। यह टेस्ट ऑक्सीजन सोखने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने की आपके फेफड़ों की क्षमता को दर्शाता है।
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मस्तिष्क संतुलन का परीक्षण
ब्रेन बैलेंस जांचने के लिए एक पैर पर सीधे खड़े हों और 50 तक गिनती गिनें। अगर आप बिना डगमगाए कम से कम 20 तक गिनती पूरी कर लेते हैं, तो यह संकेत है कि आपके मस्तिष्क का संतुलन केंद्र और तंत्रिका तंत्र सही ढंग से कार्य कर रहे हैं।
लिवर और शारीरिक गति का परीक्षण
लिवर की सक्रियता परखने के लिए दोनों हाथ सामने फैलाएं और 30 सेकंड तक तेजी से मुट्ठी खोलें व बंद करें। अगर आप बिना थकान महसूस किए इस प्रक्रिया को निरंतर तेज गति से करने में सक्षम हैं, तो यह आपके लिवर की अच्छी मेटाबॉलिज्म शक्ति को दर्शाता है।
किडनी की जांच
किडनी की जांच के लिए अपने मूत्र के रंग और नेचर पर ध्यान दें। अगर दिनभर में आपको 5 से 7 बार हल्के पीले रंग का मूत्र आता है और उसमें किसी भी प्रकार का झाग नहीं बन रहा है, तो आपकी किडनी स्वस्थ रूप से शरीर को फिल्टर कर रही है। यूरिन में झाग प्रोटीन के रिसाव का संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अंत में बड़ी सलाह यह है कि अगर आप ऊपर बताए गए किसी भी टेस्ट में फेल हो जाते हैं, या आपको उस अंग विशेष से जुड़ी कोई भी असामान्य परेशानी महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। ऐसी स्थिति में तुरंत किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलें, उन्हें अपने लक्षणों के बारे में विस्तार से बताएं और उचित चिकित्सीय परामर्श लें। याद रखें समय पर की गई जांच ही सर्वोत्तम बचाव है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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