अल्कोहल का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक होता है, लेकिन अगर इसका सही मात्रा में सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य को कई तरह के फायदे भी हो सकते हैं। मूरफील्ड्स आई हॉस्पिटल और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के नेत्र विज्ञान के शिक्षाविदों एक हालिया अध्ययन के दौरान पाया कि सप्ताह में 14 यूनिट तक अल्कोहल का सेवन करने वालों में मोतियाबिंद होने का खतरा कम होता है। शोधकर्ताओं के मुताबिक विशेष रूप से रेड वाइन को सेवन करना आपके लिए इस मामले में फायदेमंद हो सकता है।
इस अध्ययन के बाद से दुनियाभर में अल्कोहल के सेवन को लेकर बहत छिड़ गई है। आइए जानते हैं अल्कोहल का सेवन आंखों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने विशेषकर मोतियाबिंद के खतरे को कम करने में किस तरह से सहायक हो सकता है?
शोधकर्ताओं ने कई दशकों तक 492,549 प्रतिभागियों के चिकित्सा और जीवन शैली के बारे में अध्ययन किया। उन्होंने पाया कि जिन लोगों ने सरकार द्वारा अनुशंसित अधिकतम एक सप्ताह में 14 यूनिट ही अल्कोहल का सेवन किया उन लोगों में मोतियाबिंद का खतरा कम पाया गया। 14 यूनिट को करीब साढ़े छह गिलास के बराबर समझा जा सकता है। इसके अलावा शोधकर्ताओं ने पाया कि बीयर का सेवन करने वालों की तुलना में रेड वाइन पीने वालों में इसका जोखिम कम पाया गया।
प्रमुख शोधकर्ता डॉ. शैरोन चुआ के मुताबिक आंखों में मोतियाबिंद का विकास तब होता है, जब उम्र के साथ आपके शरीर की ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटने लगताहै। अल्कोहल या वाइन के सेवन करने वालों के शरीर में पॉलीफिनॉल एंटी-ऑक्सीडेंट्स मौजूद रहते हैं जो शरीर के ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को मजबूत बनाए रखने में सहायक है। यही कारण है कि ऐसे लोगों में मोतियाबिंद का खतरा कम होता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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एपिक-नोरफ़ोक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि अल्कोहल का सेवन न करने वालों की तुलना में, सप्ताह में कम से कम पांच बार वाइन पीने वालों में मोतियाबिंद का खतरा 23 फीसदी तक कम पाया गया। यहां मतभेद इसलिए हो रहा है क्योंकि नेशनल हेल्थ सर्विस के मुताबिक धूम्रपान, मधुमेह और पारिवारिक इतिहास के साथ अल्कोहल का सेवन करना भी मोतियाबिंद के संभावित जोखिम कारकों में से एक हो सकता है।
अध्ययन से जुड़ी एक अन्य शोधकर्ता डॉ. एंथनी ख्वाजा बताती हैं कि हमने अध्ययन के दौरान पाया कि जिनके शरीर में अल्कोहल निकोटिन की मात्रा ज्यादा होती है उन्हें मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराने की नौबत कम आती है। हालांकि यहां ध्यान देना की जरूरत है कि अल्कोहल का सेवन मौजूदा गाइडलाइंस के मुताबिक बताई गई मात्रा में ही किया जाना चाहिए, इसका लाभ तभी है।