अफ्रीकी देशों में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों ने स्थानीय सरकार के होश उड़ा दिए हैं। ऐसे में वैक्सीन को लेकर अफ्रीका को भारत से बड़ा आस है। अफ्रीका में स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों का कहना है कि भारत ने अगर वैक्सीन से होल्ड जल्द ही नहीं हटा लिया तो यहां इसके बड़े ही विनाशकारी परिणाम नजर आने का डर बना हुआ है। अफ्रीका में विस्तारित रोग नियंत्रण निकाय के प्रमुख ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि भारत का एस्ट्राजेनेका के टीकों पर लगाया गया अस्थायी रोक हमारे टीकाकरण की योजना को प्रभावित कर सकता है। यह रोक अगर जारी रहती है तो यहां हालात और भी खराब होने का खतरा बढ़ता जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक भारत ने स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) द्वारा तैयार की गई वैक्सीन के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दिया है। भारत का यह फैसला उन देशों के लिए मुसीबत बन रहा है जो अपने देश में टीकाकरण के लिए भारत से आस लगाए हुए हैं। अफ्रीका के देशों के हालात भी फिलहाल ऐसे ही हैं, वहां लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना के मामले और वैक्सीन की कमी सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के निदेशक जॉन नेकेंगसॉन्ग ने एडिस अबाबा में एक समाचार सम्मेलन में कहा, "भारत की टीकों पर लगाई गई रोक निश्चित रूप हमारे यहां लोगों के टीकाकरण करने की योजना को प्रभावित करेगी। योजना के अनुसार इस वर्ष के अंत तक हमने महाद्वीपीय आबादी के 20 से 30 फीसदी लोगों के टीकाकरण की योजना बनाई थी। अब अगर भारत की रोक जारी रहती है और हमें पर्याप्त वैक्सीन प्राप्त नहीं हो पाता है तो इससे न सिर्फ हमारा लक्ष्य प्रभावित होगा साथ ही यहां आने वाले दिनों में 'विनाशकारी परिणाम' भी देखने को मिल सकते हैं।
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कोरोना वायरस
- फोटो : सोशल मीडिया
बढ़ते जा रहे हैं मामले
अफ्रीकी देशों में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 42 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। यहां 1.12 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। महामारी को नियंत्रित करने के लिए अफ्रीकी संघ लगातार उन देशों से बातचीत कर रहा है जहां से उसे कोरोना वायरस के टीके मिल सकते हैं। भारत भी उन्हीं निर्माता देशों मेे से एक है।
जॉनसन एंड जॉनसन करेगा मदद
इससे पहले सोमवार को, जॉनसन एंड जॉनसन ने घोषणा की थी कि वह अफ्रीकी देशों को अपने कोविड -19 वैक्सीन की 400 मिलियन यानी करीब 40 करोड़ खुराक की आपूर्ति करेगा। इन टीकों की सप्लाई इस वर्ष की तीसरी तिमाही में शुरू होगी और साल 2022 तक जारी रहेगी।