अक्सर जब हम बीते हुए दिनों की बात करते हैं तो एक बात कॉमन होती है। कि पहले के लोग बहुत पैदल चला करते थे, इसलिए फिट रहते थे। हालांकि उस समय में चूंकि गाड़ी-घोड़े उतनी आसानी से उपलब्ध नहीं थे, इसलिए यह एक तरह की मजबूरी भी थी। सामान्य दिनचर्या में सामान लाने, नदी पर जाने या अन्य कामों के लिए लम्बी दूरियां लोगों को पैदल चलकर ही तय करनी होती थीं। हो सकता है कि यह फिटनेस का एक कारण रहा हो, क्योंकि पैदल चलना एक ऐसी एक्सरसाइज है, जिसका फायदा पूरे शरीर और दिमाग तक को पहुंचता है। इसलिए एक बार फिर से पैदल चलने को फिटनेस के लिए सबसे बढ़िया एक्सरसाइज माना जा रहा है। आजकल बकायदा मोबाइल और अन्य गैजेट्स पर इन कदमों को गिनने के साथ ही कितने कदम चलने पर कितनी कैलोरीज बर्न हुईं, इस सबका हिसाब रखने की सुविधा भी मिल रही है। खासकर एक दिन में दस हजार कदम चलने का फॉर्मूला कई लोग फॉलो कर रहे हैं। तो जानिए कैसे फायदेमंद हो सकती है, पैदल चलने वाली एक्सरसाइज।
काम की बात: अच्छी फिटनेस चाहते हैं तो जरूर करें यह काम, सेहत को मिलेंगे तमाम तरह के लाभ
सबके लिए फायदेमंद
- विशेषज्ञ इस बात की पुष्टि करते हैं कि ब्रिस्क वॉक यानी तेज गति से पैदल चलने की एक्सरसाइज़ का फायदा हर व्यक्ति को मिल सकता है, जब तक कि किसी व्यक्ति को डॉक्टर ने पैदल चलने को मना न किया हो। मतलब, आप किसी भी उम्र के हों, किसी भी हेल्थ-हाइट के हों, किसी छोटी-मोटी हेल्थ कंडीशन से गुजर रहे हों, हर स्थिति में पैदल चलना लाभदायक है। इतना ही नहीं डिप्रेशन, एंग्जायटी, तनाव जैसी मानसिक स्थितियों में भी पैदल चलने से सुधार होता है। डॉक्टर सामान्य सर्जरी, यहां तक कि घुटनों की सर्जरी के बाद भी पैदल चलना शुरू करने की सलाह देते हैं।
दस हजार कदम
तो ये दस हजार कदमों का फंडा आखिर है क्या? असल में 10,000 कदमों का ये सफर कई सारे शोध का परिणाम है। कहा जाता है कि 1960 में जापान के शोधकर्ताओं ने सबसे पहले दस हजार कदमों से मिलने वाले फायदों की पुष्टि की थी। एक निश्चित गति से लगातार पैदल चलने का असर स्वास्थ्य के लिहाज से कितना फायदेमंद है, इसी बात को आधार बनाकर लगभग सारे शोध किए गए। पाया गया कि लगातार 10,000 हजार कदम चलना मतलब करीब पौने दो घंटे चलने और करीब आठ किलोमीटर का फासला तय करने के बराबर है।
पैदल चलने से कई फायदे मिल सकते हैं, जिनमें शामिल हैं-
- कोलेस्ट्रॉल लेवल का घटना
- हाई ब्लडप्रेशर का कंट्रोल में रहना
- डायबिटीज का नियंत्रित रहना
- ऊर्जा और काम करने की शक्ति का बढ़ना
- दिमाग को शांत, एकाग्र और क्लियर रखने में मदद
- फेफड़ों की शक्ति का बढ़ना
- एक्स्ट्रा कैलोरीज का बर्न होना
- आत्मविश्वास बढ़ना
- हार्ट अटैक के रिस्क का कम होना
- हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाना
- वजन नियंत्रित रखना और कम करना,आदि
यूं पैदल चलना एक आम एक्सरसाइज है, लेकिन इसके साथ कई अन्य चीजें भी शामिल हैं, जो इस एक्सरसाइज़ को पूरा करती हैं। जैसे-
- बिना अच्छे जूतों के पैदल न चलें। जूते कुशन वाले और पैरों के हिसाब से सही साइज के होना जरूरी है। यदि आपको पैरों में तकलीफ है तो कुशन वाले जूते ही चुनें। बिना मोजों के जूते न पहनें।
- यदि थोड़ा चलने पर भी आपको पैरों में दर्द, सूजन, सांस लेने में परेशानी या असहजता आदि महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं। डॉक्टर से सलाह लें और उसके बाद ही चलना शुरू करें।
- एकदम दस हजार कदमों से शुरू न करें। शुरुआत में 3 हजार का लक्ष्य बनाएं। उसके बाद धीरे धीरे इसे बढ़ाएं।
- कोशिश करें कि पैदल चलने के लिए सुबह या शाम का समय हो और खुली हवा का साथ मिले तो सोने पर सुहागा।
- पैदल चलते समय बात न करें। नाक से सांस लें।
- कपड़े ढीले, आरामदायक और पसीना सोखने वाले हों, इसका ध्यान रखें।