Asafoetida On Navel for Stomach Gas: पेट में गैस बनना, पेट फूलना या तेज ऐंठन होना आजकल की भागदौड़ भरी जिदगी और खराब खानपान के कारण एक आम समस्या बन गई है। जब अपच या गैस के कारण पेट में असहनीय दर्द होता है, तो अक्सर कोई भी दवा तुरंत आराम नहीं देती। ऐसी स्थिति में, सोशल मीडिया पर डॉक्टर प्रियंका अभिनव ने एक सदियों पुराना और बेहद सरल आयुर्वेदिक नुस्खा साझा किया है, जो मात्र 5-6 मिनट में राहत दे सकता है।
Health Tips: पेट में गैस से परेशान हैं? डॉक्टर ने बताया- नाभी के पास लगा लें ये एक चीज, तुरंत मिलेगी राहत
पैट में गैस बनना एक बेहद आम समस्या है, जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी जरूर दो-चार होते हैं। बच्चों और बुजुर्गों में ये परेशानी अधिक होती है। आइए इस लेख में डॉक्टर से एक ऐसे घरेलू उपचार के बारे में जानते हैं, जिससे मिनटों में आराम मिल सकता है।
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सबसे पहले इस नुस्खे को तैयार करने के लिए एक चम्मच शुद्ध देसी घी को हल्का गर्म करें। गर्म घी में चार चुटकी हींग का पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें ताकि एक गाढ़ा घोल बन जाए। यह मिश्रण हींग के गुणों को सक्रिय करता है और उसे त्वचा में अवशोषित होने के लिए तैयार करता है।
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इस तैयार घोल को इस्तेमाल करने के लिए, रुई का एक छोटा फाहा लें और उसे इस मिश्रण में अच्छी तरह भिगो दें। इस भीगी हुई रुई को सीधे नाभि के अंदर सावधानी से रखें। नाभि शरीर का केंद्र बिंदु है, जहां से यह उपाय तेजी से असर करता है।
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नाभि में रुई रखने के बाद, जो घोल बच गया है, उसे उंगलियों पर लें और नाभि के आस-पास के पेट के हिस्से (एब्डॉमिनल एरिया) पर हल्के हाथों से मालिश करते हुए लगा लें। यह मालिश हींग के गुणों को पेट की ऊपरी त्वचा में फैला देती है, जिससे गैस से होने वाली ऐंठन में जल्द राहत मिलती है।
यह नुस्खा बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी के लिए कारगर है, खासकर नवजात शिशुओं में गैस की वजह से होने वाली मरोड़ को शांत करने के लिए यह बहुत उपयोगी माना जाता है। हींग एसिडिटी को भी नियंत्रित करती है। यह सदियों पुराना आयुर्वेदिक उपाय है, जिसे आप पेट संबंधी समस्याओं के लिए आसानी से और सुरक्षित रूप से आजमा सकते हैं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।