{"_id":"6a69db29e104c780310a5587","slug":"causes-of-nocturia-in-hindi-raat-mein-bar-bar-peshab-aana-kis-bimari-ka-lakshan-hai-2026-07-29","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Causes of Nocturia: रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Causes of Nocturia: रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
Wed, 29 Jul 2026 05:07 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 29 Jul 2026 05:07 PM IST
सार
Frequent Urination at Night: अगर आप भी न लोगों में से हैं, जिन्हें रात में सोने के बाद बार-बार पेशाब जाने के लिए उठना पड़ता है तो इस खबर को आखिर तक अवश्य पढ़ें। हम यहां आपको इसकी वजह और बचाव के तरीके बताएंगे।
विज्ञापन
रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Frequent Urination at Night: रात में एक-दो बार पेशाब के लिए उठना कई बार सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर आपको लगभग हर रात बार-बार बाथरूम जाना पड़ता है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। मेडिकल भाषा में इस स्थिति को नोक्ट्यूरिया कहा जाता है।
रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
- फोटो : Adobe Stock
डायबिटीज
जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इस प्रक्रिया में शरीर से अधिक मात्रा में पानी भी निकलता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। यदि इसके साथ ज्यादा प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, थकान या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इस प्रक्रिया में शरीर से अधिक मात्रा में पानी भी निकलता है, जिससे बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। यदि इसके साथ ज्यादा प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, थकान या अचानक वजन कम होना जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो ब्लड शुगर की जांच करानी चाहिए।
रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
- फोटो : AI
ओवरएक्टिव ब्लैडर
ओवरएक्टिव ब्लैडर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मूत्राशय (ब्लैडर) जरूरत से पहले ही सिकुड़ने लगता है। इसके कारण व्यक्ति को बार-बार और अचानक पेशाब जाने की तीव्र इच्छा होती है। कई बार रात में भी कई बार उठना पड़ता है। यह समस्या बढ़ती उम्र, नसों की बीमारी, मोटापा या ब्लैडर की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण हो सकती है। सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ओवरएक्टिव ब्लैडर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें मूत्राशय (ब्लैडर) जरूरत से पहले ही सिकुड़ने लगता है। इसके कारण व्यक्ति को बार-बार और अचानक पेशाब जाने की तीव्र इच्छा होती है। कई बार रात में भी कई बार उठना पड़ता है। यह समस्या बढ़ती उम्र, नसों की बीमारी, मोटापा या ब्लैडर की मांसपेशियों की कमजोरी के कारण हो सकती है। सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इसे काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
- फोटो : Adobe Stock
UTI
यूटीआई बैक्टीरिया के कारण होने वाला संक्रमण है, जो मूत्र मार्ग के किसी भी हिस्से को प्रभावित कर सकता है। इस संक्रमण में बार-बार पेशाब आने के साथ पेशाब करते समय जलन, दर्द, तेज गंध, धुंधला पेशाब या कभी-कभी बुखार भी हो सकता है। महिलाओं में यह समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखी जाती है। समय पर इलाज न मिलने पर संक्रमण किडनी तक भी फैल सकता है, इसलिए लक्षण दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विज्ञापन
रात में बार-बार पेशाब आना हो सकता है इन 5 गंभीर बीमारियों का संकेत
- फोटो : Adobe Stock
किडनी संबंधी समस्याएं
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम करती है। यदि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो, तो पेशाब की मात्रा और समय में बदलाव आ सकता है। रात में बार-बार पेशाब आना, पैरों या टखनों में सूजन, थकान, भूख कम लगना और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं किडनी की बीमारी के संकेत हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में किडनी की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
किडनी शरीर से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने का काम करती है। यदि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो, तो पेशाब की मात्रा और समय में बदलाव आ सकता है। रात में बार-बार पेशाब आना, पैरों या टखनों में सूजन, थकान, भूख कम लगना और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं किडनी की बीमारी के संकेत हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में किडनी की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।