Chest Me Bharipan Ke Karan in Hindi: छाती में भारीपन या जकड़न महसूस होना एक ऐसा लक्षण है जिसे कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। अक्सर लोग इसे केवल गैस या अपच समझ कर टाल देते हैं, मगर यह शरीर में किसी आंतरिक समस्या का संकेत हो सकता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक छाती में जकड़न हृदय रोग, फेफड़ों के संक्रमण या मानसिक तनाव का परिणाम हो सकती है।
Tightness in Chest: क्या आपकी छाती में भारीपन महसूस होता है? हो सकता है इन गंभीर बीमारियों का संकेत
Causes of Chest Tightness: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ लोगों के छाती में भारीपन महसूस होता है। आमतौर पर ऐसा होने का मूल कारण हार्ट से संबंधित समस्या ही होती है, मगर हर बार ये समस्या दिल से ही संबंधित हो ये जरूरी नहीं है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
हृदय संबंधी रोगों के कारण होने वाला भारीपन
जब हृदय की धमनियों में प्लाक जमा हो जाता है, तो रक्त संचार बाधित होने लगता है। इसे 'कोरोनरी आर्टरी डिजीज' कहते हैं। अगर आपको भारीपन के साथ पसीना आना, सांस फूलना और मितली महसूस हो रही है, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए और जरूरत पड़ने पर ईसीजी कराना चाहिए, क्योंकि समय पर इलाज ही मांसपेशियों को स्थायी नुकसान से बचा सकता है।
फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
फेफड़ों में संक्रमण जैसे निमोनिया, ब्रोंकाइटिस या अस्थमा भी छाती में भारीपन का कारण बनते हैं। जब वायुमार्ग में सूजन आ जाती है या फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा हो जाता है, तो सांस लेने में कठिनाई के साथ जकड़न महसूस होती है। इसके अलावा 'पल्मोनरी एम्बोलिज्म' (फेफड़ों की धमनी में खून का थक्का) एक आपातकालीन स्थिति है जो अचानक छाती में तेज दर्द और भारीपन पैदा करती है।
ये भी पढ़ें- Immunity Booster: चार चीजें जो आपकी इम्युनिटी को बना देंगी मजबूत, पास भी नहीं भटकेंगी संक्रामक बीमारियां
गैस्ट्रिक समस्याएं और एसिड रिफ्लक्स
कई बार पेट की एसिडिटी के कारण सीने में जलन और भारीपन महसूस होता है। जब पेट का एसिड भोजन नली में वापस आने लगता है, तो यह बिल्कुल हार्ट अटैक जैसा भ्रम पैदा कर सकता है। हालांकि, गैस्ट्रिक भारीपन अक्सर भोजन के बाद बढ़ता है और डकार आने या एंटासिड लेने पर कम हो जाता है। फिर भी बिना जांच के इसे केवल गैस समझना जोखिम भरा हो सकता है।
ये भी पढ़ें- Brain Stroke: कहीं आपको भी न हो जाए ब्रेन स्ट्रोक? अभी से शुरू कर दें बचाव के ये आसान उपाय
समय पर पहचान और डॉक्टरी सलाह ही है एकमात्र समाधान
छाती में भारीपन को कभी भी 'घरेलू नुस्खों' के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। लक्षण चाहे सामान्य हों या गंभीर, उनकी जांच आवश्यक है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और तनाव प्रबंधन के जरिए आप इन खतरों को कम कर सकते हैं। ध्यान रखें प्रारंभिक अवस्था में बीमारी का पहचान होना आपके इलाज को काफी आसान बना देती है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।