आज की तेज रफ्तार ज़िंदगी में शरीर से पहले मन थक जाता है। काम का दबाव, रिश्तों की उलझनें, भविष्य की चिंता और लगातार स्क्रीन के सामने बिताया गया समय, ये सब मिलकर मानसिक स्वास्थ्य को चुपचाप खोखला कर देते हैं। चिंता, गुस्सा और अनिद्रा अब बीमारी नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की सच्चाई बन चुकी हैं। ऐसे समय में योग किसी चमत्कार की तरह नहीं, बल्कि एक प्राचीन, भरोसेमंद और वैज्ञानिक समाधान के रूप में सामने आता है। योग केवल शरीर को मोड़ने की क्रिया नहीं है, यह मन को संभालने की कला है। हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले समझ लिया था कि जब श्वास असंतुलित होती है, तो विचार बिखरते हैं और जब श्वास स्थिर होती है, तो मन शांत होता है।
Yoga For Mental Health: नींद नहीं आती या गुस्सा ज़्यादा आता है? ये योगासन हैं इलाज
Yoga For Mental Health: योग कोई तात्कालिक उपाय नहीं, बल्कि जीवन जीने की पद्धति है। चिंता को कम करना हो, गुस्से पर नियंत्रण पाना हो या अनिद्रा से मुक्ति योग भीतर से इलाज करता है। आज जब मानसिक स्वास्थ्य सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है, तब योग केवल विकल्प नहीं, आवश्यकता बन गया है।
चिंता पर योग का प्रभाव
- कारण- चिंता का मूल कारण है, भविष्य का डर और वर्तमान से कटाव।
- कौन सा योग- प्राणायाम विशेष रूप से अनुलोम-विलोम और भ्रामरी, तंत्रिका तंत्र को शांत करते हैं।
- प्रभाव- यह तनाव हार्मोन कॉर्टिसोल के स्तर को घटाने में मदद करते हैं।
- ध्यान और धीमी श्वास लेने की प्रक्रिया मस्तिष्क को यह संकेत देती है कि खतरा टल चुका है।
- नियमित योग अभ्यास से चिंता की तीव्रता, घबराहट और बेचैनी में स्पष्ट कमी देखी गई है।
गुस्सा और चिड़चिड़ेपन पर योग
- कारण- गुस्सा अक्सर दबे हुए तनाव और भावनात्मक असंतुलन का परिणाम होता है।
- जब शरीर में ऊर्जा का प्रवाह अवरुद्ध होता है, तो वह क्रोध के रूप में बाहर आती है।
- कौन सा योग- योगासन जैसे ताड़ासन, बालासन और शवासन शरीर को ढीलापन देते हैं।
- प्रभाव- योग मन की आक्रामकता को धीरे-धीरे शांत करते हैं।
- ध्यान अभ्यास व्यक्ति को प्रतिक्रिया देने से पहले सोचने की आदत सिखाता है।
- यही योग की असली ताकत है, यह आपको बदलता नहीं, बल्कि संतुलित बनाता है।
अनिद्रा में योग कैसे मदद करता है?
- अनिद्रा आज मानसिक स्वास्थ्य की सबसे आम समस्या बन चुकी है।
- कारण- लगातार सोचते रहना, मोबाइल का अत्यधिक उपयोग और मानसिक थकान नींद को दूर भगा देती है।
- कौन सा योग करें- सोने से पहले किया गया योग निद्रा, शवासन और भ्रामरी प्राणायाम मस्तिष्क की तरंगों को धीमा करता है
- इसके अभ्यास से गहरी और प्राकृतिक नींद आती है।
- प्रभाव- योग दवाओं की तरह नींद को मजबूर नहीं करता, बल्कि शरीर को खुद सोने के लिए तैयार करता है और यही इसका सबसे बड़ा लाभ है।
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योग गुरु से संपर्क कर सकते हैं। गर्भावस्था में योग को लेकर डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें।
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