देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार सतर्क हो गई है। राज्यों को कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जांच का दायरा बढ़ाने और कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन स्थापित करने के लिए कहा गया है। साथ ही सरकार ने प्रभावी उपाय करने के साथ ही मानक दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को भी कहा है। हालांकि इस बीच टीकाकरण अभियान में भी तेजी आई है। देशभर में अब तक सात करोड़ 30 लाख से अधिक लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कोरोना और वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब...
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विशेषज्ञ से जानें: क्या कोरोना के सुपर स्प्रेडर भी बन सकते हैं 20 से 40 साल के लोग?
Sun, 04 Apr 2021 11:00 AM IST
सोनू शर्मा
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Sun, 04 Apr 2021 11:00 AM IST
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कोरोना वायरस
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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आपने जब टीका लगवाया तब आपका अनुभव कैसा रहा?
- नागपुर स्थित ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के डॉ. अनूप मरार कहते हैं, 'शुरुआत से ही हमलोग सरकार से साथ जुड़कर एक पूरा कोविड अस्पताल चला रहे थे। जब पहली लिस्ट में हमारा नाम आया, तब हमने टीकाकरण करवाया। ये टीकाकरण ही कोरोना से बचने का एकमात्र विकल्प है। आज सभी हेल्थकेयर वर्कर्स को टीका लग चुका है। सभी ने सोच समझ कर ही लगवाया है। टीका लगवाने के बाद मुझे कोई बदन दर्द नहीं हुआ। वैक्सीन को लेकर किसी के मन में कोई शक या सवाल नहीं होना चाहिए।'
कोरोना पर विशेषज्ञ की राय
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20 से 40 वर्ष की आयु वाले लोगों में कोरोना के सबसे ज्यादा मामले देखे गए हैं, ये सुपर स्प्रेडर भी बन सकते हैं?
- डॉ. अनूप मरार कहते हैं, 'इस समय थोड़ा आत्म अनुशासित रहने की जरूरत है। इस उम्र के लोगों को लगता है कि इन्हें कुछ नहीं होगा, क्योंकि इनकी इम्यूनिटी अच्छी है, लेकिन ये गलत है। एक रिसर्च कहती है कि अगर एक आदमी भी पॉजिटिव हुआ, चाहे वो असिम्प्टोमैटिक ही हो, वो लगभग 400 लोगों तक यह वायरस फैलाएगा। इसलिए अगर घूमना भी है तो मास्क पहनें, हाथों पर सैनिटाइजर लगाते रहें और सोशल डिस्टेंसिंग (सुरक्षित शारीरिक दूरी) का पालन करें। केवल इसी से हम कोरोना को मात दे सकते हैं।'
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कोरोना वैक्सीन पर विशेषज्ञ की राय
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45 वर्ष से ऊपर के लोगों का टीकाकरण शुरू हो चुका है, आप उनसे क्या कहना चाहेंगे?
- डॉ. अनूप मरार कहते हैं, 'ये केंद्र सरकार का सबसे अनूठा कदम है जो पूरे विश्व में सराहा जा रहा है। 45 वर्ष से ऊपर के जो लोग हैं, इन्हें हम सुपर स्प्रेडर के रूप में रखते हैं। हमें इन्हें वैक्सीनेट करना बहुत जरूरी है, क्योंकि ये हर्ड इम्यूनिटी में मदद करेगा। इन्हें अपने और अपने देश के लिए टीकाकरण करवाना बहुत जरूरी है।'
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कोरोना की दूसरी लहर आ चुकी है, ऐसे में लोग कैसे अपना बचाव कर सकते हैं?
- डॉ. अनूप मरार कहते हैं, 'लोगों को यह समझ आना चाहिए कि यह बीमारी बिल्कुल प्रीवेंटेबल (रोकने योग्य) है, इसमें उन्हें कुछ नहीं करना है। जो सरकार बोल रही है, केवल उतना ही करना है। जरूरत के वक्त ही बाहर निकलें, मास्क पहनें, सोशल डिस्टेंसिंग (सुरक्षित शारीरिक दूरी) का पालन करें, हाथों को सैनिटाइज करते रहें। इसके साथ बिना अपने हाथों को साबुन से धोए चेहरे पर न लगाएं। इतना करने से ही ये बीमारी दूर हो सकती है। हमारे यहां लोगों ने यह धारणा बना ली है कि उन्हें कुछ नहीं होगा। उन्हें समझना होगा कि इससे उनके आसपास और उनके घरवालों को भी खतरा है।'