दुनियाभर में कोरोना वारयस का संक्रमण काफी तेजी से बढ़ता जा रहा है। इस महामारी से अबतक करीब 9.93 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। कोरोना के बढ़ते संक्रमण पर काफी प्रयासों के बावजूद पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो पा रहा है और ऐसे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने आगाह किया है कि कोरोना वायरस से होने वाली मौतों का आंकड़ा 20 लाख तक भी जा सकता है। इस बीच अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी में हुए एक शोध मे दावा किया गया है कि कोरोना वायरस के जिन मरीजों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी (Vitamin D) है, उनकी मौत का खतरा 50 फीसदी तक कम हो जाता है।
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बोस्टन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने पाया है कि जिन लोगों में विटामिन डी पर्याप्त मात्रा में होती है, उन्हें कोरोना वायरस का संक्रमण होने पर मौत का खतरा 52 फीसदी तक कम रहता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसे मरीज कोरोना से जल्दी उबर जाते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, विटामिन डी हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम में अहम भूमिका निभाता है।
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वैज्ञानिकों ने शोध में बताया है कि शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा रहने से गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी 13 फीसदी तक कम हो जाता है। वहीं, विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा वाले मरीजों को वेंटिलेटर पर रखे जाने की जरूरत भी 46 फीसदी तक कम हो जाती है।
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महामारी की शुरुआत से से ही यह बात बताई जा रही है कि कोरोना से बचने के लिए हमारी इम्यूनिटी मजबूत होनी बहुत जरूरी है। इम्यूनिटी मजबूत बनाने में विटामिन डी की अहम भूमिका है। ऐसे में कोरोना महामारी से लड़ने में विटामिन डी काफी हद तक कारगर उपाय है।
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मालूम हो कि अमेरिका में औसतन 42 फीसदी लोगों में विटामिन डी की कमी पाई गई है। वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि बुजुर्गों में भी विटामिन डी की काफी कमी होती है। यही कारण है कि कोरोना की चपेट में बुजुर्ग जल्दी आ जाते हैं और उनकी मौत होने की भी संभावना युवाओं की तुलना में ज्यादा होती है।