चीन से शुरू हुए घातक कोरोनोवायरस से आज दुनियाभर के कई देश परेशान हैं। इससे अबतक 3100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 75 से ज्यादा देशों में 91 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं। इस वायरस की चपेट में अब हमारा देश भारत भी है और इसको लेकर डर का माहौल बना हुआ है। हालांकि इस बीमारी से डरने की जगह हमें बचाव करने की जरूरत है। कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। ऐसे में यह भी जानना बेहद जरूरी है कि किस प्रकार का मास्क आपको कोरोना के संक्रमण से बचा सकता है।
Coronavirus: कौन सा मास्क आपको इंफेक्शन से बचाएगा? जानिए इस्तेमाल करने का सही तरीका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डिस्पोजेबल मास्क
डिस्पोजेबल मास्क को सर्जिकल मास्क के नाम से भी जाना जाता है। इस मास्क का प्रयोग अस्पताल में मौजूद मरीजों के आसपास रहने वाले डॉक्टर और स्टाफ करते हैं। यह मास्क डॉक्टर और रोगी दोनों को संक्रमण से बचाता है। हालांकि इस मास्क की लाइफ 3 से 8 घंटे ही होती है और कोरोनावायरस से बचाव में यह मास्क प्रभावी भी नहीं है।
N 95 रेस्पिरेटर मास्क
कोरोना, H1W1 और SARS जैसे वायरस की महामारी से बचने के लिए यह मास्क बेहद प्रभावी है। यह मास्क बाहर से अदंर तक फैलने वाले बैक्टीरियल इंफेक्शन को रोकता है। कोरोना वायरस से सुरक्षा के तौर पर एन 95 श्वासयंत्र का इस्तेमाल ज्यादा प्रभावी माना गया है, क्योंकि ये मास्क अच्छी तरह से फिट होते हैं और छोटे कणों को छानते हैं। N 95 मास्क हवा में मौजूद 95 फीसदी छोटे कणों को अवरुद्ध कर देता है। हालांकि रेस्पिरेटर मास्क की भी 3 डिस्पोजेबल वैरायटी होती है -
- FFP1 मास्क
- FFP2 मास्क
- FFP3 मास्क
FFP1 मास्क
यह मास्क केवल घरों में इस्तेमाल करने के लिहाज से सही हैं। इसमें फिल्ट्रेशन 80 प्रतिशत और लीकेज 20 प्रतिशत होती है।
FFP2 मास्क
इस मास्क की क्वालिटी FFP1 की तुलना में थोड़ी बेहतर होती है। इसमें फिल्ट्रेशन 94 प्रतिशत और लीकेज 8 प्रतिशत तक होती है। फिलहाल इसी मास्क को कोरोना वायरस से बचने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।