दिनचर्या की गड़बड़ी और खान-पान ठीक न रहने के कारण कई तरह की बीमारियां कम उम्र में ही लोगों को अपना शिकार बनाती जा रही हैं। पाचन से जुड़ी समस्याएं इसका प्रमुख उदाहरण हैं।
Crohn's Disease: बनी रहती है पेट में दर्द और ऐंठन, कहीं आपको क्रोहन डिजीज तो नहीं? जानिए क्या है ये बीमारी
क्या आपको भी अक्सर पेट में दर्द, ऐंठन या सूजन की दिक्कत महसूस होती रहती है? सामान्य दवाओं और उपचार के माध्यम से भी इसमें आराम नहीं मिल पा रहा है? इस तरह की दिक्कतें हैं तो इसे हल्के में लेने की गलती न करें। कई बार ये आंतों से संबंधित गंभीर बीमारियों का संकेत भी हो सकती है।
क्रोहन डिजीज के बारे में जान लीजिए
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, क्रोहन डिजीज के मामले युवाओं में तेजी से बढ़ते जा रहे हैं।
- क्रोहन रोग एक प्रकार का क्रॉनिक इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (आईबीडी) है।
- इस रोग के कारण पाचन तंत्र में कहीं भी सूजन पैदा हो सकती है। ये अक्सर छोटी आंत और बड़ी आंत को प्रभावित करती है।
- कई बार सूजन की समस्या आंत की गहरी परतों तक फैल जाती है, जिसके कारण पाचन में गड़बड़ी और पेट दर्द की दिक्कत हो सकती है।
- क्रोहन रोग के कारण पेट में अक्सर तेज दर्द तो रहता ही है साथ ही इसके कारण शरीर तेजी से कमजोर भी होने लग जाता है।
क्यों होती है ये बीमारी?
क्रोहन रोग होने का सही कारण अभी भी पता नहीं चल पाया है। हालांकि विशेषज्ञ डाइट और स्ट्रेस की समस्या को इसके लिए प्रमुख रूप से जिम्मेदार मानते हैं। अध्ययनों में कुछ अन्य स्थितियों को भी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार बताया गया है।
- 200 से ज्यादा जीन क्रोहन रोग से जुड़े हुए पाए गए हैं। इस तरह के एक या उससे अधिक जीन होने से किसी व्यक्ति को क्रोहन रोग होने की आशंका रहती है।
- बैक्टीरिया, वायरस या अन्य पर्यावरणीय कारक भी क्रोहन रोग को ट्रिगर कर सकते हैं।
- जिन लोगों के माता-पिता या किसी करीबी को ये समस्या रही है उनमें भी क्रोहन रोग होने का खतरा बढ़ जाता है।
- इसके अलावा धूम्रपान की आदत को क्रोहन रोग होने का सबसे महत्वपूर्ण कारण माना जाता है।
इस बीमारी से बचने के लिए क्या करें?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, आप क्रोहन डिजीज से पूरी तरह से बचाव नहीं कर सकते, लेकिन धूम्रपान छोड़ने, तनाव को मैनेज करने, नियमित व्यायाम आदि की मदद से इस बीमारी के खतरे को कम जरूर कर सकते हैं। हाई-फाइबर और संतुलित आहार जैसे मेडिटेरेनियन डाइट अपनाकर भी इस रोग के जोखिमों को कम किया जा सकता है।
- डॉक्टर रोजाना खूब मात्रा में पानी और तरल पदार्थों के सेवन की सलाह देते हैं।
- शराब और कैफीन वाले पेय आपकी आंतों के लिए दिक्कतें बढ़ाने वाले माने जाते हैं। इनसे दूरी बनाने की सलाह दी जाती है।
- ज्यादा तनाव लेने वाले लोगों में क्रोहन रोग होने का खतरा अधिक होता है, इसलिए स्ट्रेस को कम करना भी बहुत जरूरी है।
पेट दर्द और ऐंठन को न करें अनदेखा
डॉक्टर कहते हैं, अगर आपको अक्सर पेट दर्द और अपच की समस्या बनी रहती है, तो इसे अनदेखा न करें। क्रोहन रोग के अलावा ये गैस्ट्राइटिस, अल्सर, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या लिवर से जुड़ी दिक्कतों का भी संकेत हो सकती है। लगातार एसिडिटी रहने से भोजन की नली में सूजन आ सकती है, जो आगे चलकर गंभीर रूप ले सकती है।
यही कारण है कि समय रहते डॉक्टर से मिलकर इसका इलाज जरूर करा लें ताकि किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या से बचाव किया जा सके।
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नोट: यह लेख डॉक्टर्स का सलाह और मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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