लाइफस्टाइल और खान-पान की गड़बड़ी ने क्रॉनिक बीमारियों का खतरा काफी बढ़ा दिया है। हम वजन बढ़ने, थकान या सिरदर्द को तो गंभीरता से लेते हैं, लेकिन त्वचा पर होने वाले बदलावों को अक्सर सामान्य समझकर टाल देते हैं। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है।
Diabetes Risk: त्वचा पर दिख रहे हैं धब्बे? तुरंत करा लें जांच कहीं आपको डायबिटीज तो नहीं
विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, दुनियाभर में लाखों लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं, उनमें से अधिकतर को इसका पता ही नहीं होता। यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकती है। त्वचा में दिख रहे बदलावों के आधार पर भी इस समस्या का पता लगाया जा सकता है।
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त्वचा में बदलावों पर दें ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, त्वचा में होने वाले सभी बदलाव कॉस्मेटिक समस्याओं की वजह से हों ये जरूरी नहीं है। कभी-कभी, ये आपके शरीर के अंदर पनप रही बीमारियों की तरफ इशारा भी हो सकते हैं। त्वचा पर गाढ़े रंग के धब्बे दिखाई देने को अध्ययनों में प्री-डायबिटीज से जुड़ा हुआ माना जाता है।
- इन संकेतों को अगर पहचाना न जाए तो ये आगे चलकर टाइप-2 डायबिटीज तक का कारण बन सकते हैं।
- त्वचा पर दिखने वाले धब्बों, जो प्रीडायबिटीज से जुड़े होते हैं उन्हें मेडिकल की भाषा में एकैंथोसिस नाइग्रिकन्स कहा जाता है।
जर्नल ऑफ क्लिनिकल एंड डायग्नोस्टिक रिसर्च फॉर डॉक्टर्स में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, त्वचा पर धब्बे नजर आना इंसुलिन रेजिस्टेंस का एक प्रमुख संकेत हो सकता है। ये संकेत बताता है कि आपमें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जब आपका शरीर इंसुलिन के प्रति प्रतिरोधी हो जाता है, तो इसकी भरपाई के लिए और ज्यादा इंसुलिन बनाता है। इंसुलिन की अधिकता त्वचा की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ाने लगती है, जिससे त्वचा पर ये गहरे रंग के धब्बे बन जाते हैं।
- विश्व स्वास्थ्य संगठनों के अनुसार, दुनियाभर में लाखों लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं, लेकिन उनमें से अधिकतर को इसका पता ही नहीं होता।
- प्रीडायबिटीज में लक्षण अक्सर स्पष्ट नहीं होते इसलिए लोग इसे समय रहते पकड़ नहीं पाते हैं।
- त्वचा पर काले धब्बे के अलावा खूब प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना या थकान बने रहना डायबिटीज की शुरुआत का संकेत हो सकता है।
- अगर समय रहते इन संकेतों को पहचान कर लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव कर लिया जाए तो डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो डायबिटीज से बचने के लिए क्या करें?
अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर का वजन 5-10% कम करने से डायबिटीज का खतरा कम हो सकता है।
- फाइबर, प्रोटीन और लो-ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजों को आहार में शामिल करना आपको शुगर होने के खतरे से बचा सकता है।
- ज्यादा मीठी और प्रोसेस्ड चीजों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है।
- रोजाना कम से कम 30-45 मिनट का व्यायाम, रनिंग-योग से इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार होता है।
- नियमित रूप से हेल्थ चेकअप और ब्लड शुगर टेस्ट HBA1C जरूर कराएं ताकि डायबिटीज की समस्या के बारे में जाना जा सके।
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स्रोत:
Acanthosis Nigricansin PCOS Patients and Its Relation with Type 2 Diabetes Mellitus and Body Mass at a Tertiary Care Hospital in Southern India
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