दिल्ली-एनसीआर में पिछले दो महीने से प्रदूषण का स्तर जानलेवा स्थिति में है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया। जहरीली हवा न सिर्फ सांस की बीमारियों को बढ़ाती है, बल्कि दिल, आंखों, त्वचा और इम्यून सिस्टम पर भी गंभीर असर डालती है।
Delhi Pollution दिल्ली की हवा बन रही है जानलेवा, लोग रोज कर रहे हैं ये खतरनाक भूल
Delhi Pollution Alert: दिल्ली एनसीआर के कई इलाकों में AQI 400 के पार है। इस दमघोंटू हवा में बाहर निकल रहे लोग कुछ ऐसी गलतियां कर रहे हैं तो उनके स्वास्थ्य को तेजी से नुकसान पहुंचा रही हैं।
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बाहर निकलते समय न करें ये 10 गलतियां
बिना मास्क के बाहर निकलना
प्रदूषण में बिना मास्क निकलना सबसे बड़ी गलती है। सामान्य कपड़े या सर्जिकल मास्क पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते। दिल्ली की जहरीली हवा से बचना है तो घर से बाहर निकलते समय N95 या N99 मास्क का इस्तेमाल करें।
सुबह-सुबह या देर रात वॉक करना
सुबह और रात के समय हवा में प्रदूषक तत्व ज्यादा होते हैं। ऐसे में जो लोग सुबह या देर रात घर के बाहर टहलने के लिए निकल रहे हैं तो ये आपके फेफड़ों को प्रभावित कर सकता है। वॉक या एक्सरसाइज दोपहर या शाम को करें, जब AQI थोड़ा बेहतर हो।
खुले में एक्सरसाइज करना
भारी सांस लेने से जहरीले कण फेफड़ों में गहराई तक चले जाते हैं। अगर आप योग या एक्सरसाइज बाहर किसी पार्क या छत पर खुले में कर रहे हैं तो ये आपको लाभ नहीं, बल्कि नुकसान पहुंचा सकता है। जिम या घर के अंदर योग करना ज्यादा सुरक्षित है।
आंखों को खुला छोड़ना
जब आप घर से बाहर निकलते हैं तो प्रदूषित वायु के कारण आंखों में जलन, लालिमा और इंफेक्शन का खतरा रहता है। इसलिए घर से बाहर निकलते समय चश्मा या सनग्लास पहनें।
खान-पान पर ध्यान न देना
मजबूत इम्यूनिटी प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों से बचाव करती है। लेकिन जंक फूड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम करता है। विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और हल्का भोजन लें ताकि इम्यूनिटी ठीक रहे और फेफड़े मजबूत रहें।
पानी कम पीना
प्रदूषण शरीर में टॉक्सिन बढ़ाता है। जब आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो शरीर में जहरीली वायु टाॅक्सिन बढ़ाती है। दिनभर खूब पानी पिएं, ताकि शरीर खुद को डिटॉक्स कर सके।
बच्चों और बुजुर्गों को बेवजह बाहर ले जाना
बुजुर्गों और बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर होती है। प्रदूषण से बचाव के लिए इनका ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। AQI खराब होने पर बच्चों और बुजुर्गों को घर में ही रखें।
निजी वाहन का उपयोग
जिस तरह से AQI का स्तर बढ़ रहा है, उसमें लोगों की भी भूमिका है। घर से निकलते समय आप निजी परिवहन सड़कों पर नजर आते हैं तो प्रदूषण को बढ़ाने में एक अहम कारक है। इसके बजाए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें ताकि प्रदूषण को रोका जा सके।