Dengue Cases in Delhi 2025: राजधानी दिल्ली में डेंगू के मामलों में जबरदस्त उछाल आया है, जो चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है। एमसीडी की ओर से जारी की गई साप्ताहिक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2025 में अब तक डेंगू के 1136 मामले दर्ज हुए हैं तो वहीं दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। अगर बात अक्तूबर की करें तो इस महीने डेंगू के मामले तेजी से बढ़े हैं।
Dengue: दिल्ली में डेंगू के मामलों में बड़ा उछाल, इन लक्षणों को गलती से भी न करें नजरअंदाज
दिल्ली में इन दिनों डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सिर्फ पिछले एक सप्ताह में दिल्ली के अलग-अलग जगहों से कुल 72 मामले दर्ज किए गए हैं। इसलिए आइए इस लेख में जानते हैं कि डेंगू के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं और इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
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शुरुआती और मुख्य लक्षण
डेंगू का सबसे आम शुरुआती लक्षण तेज बुखार है जो अचानक 104°F तक पहुंच जाता है। इसके साथ ही रोगी को मांसपेशियों, जोड़ों और हड्डियों में असहनीय दर्द होता है, जिसे 'ब्रेकबोन फीवर' भी कहा जाता है। गंभीर सिरदर्द आंखों के पीछे दर्द और थकान महसूस होना भी प्राथमिक लक्षण हैं।
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गंभीर चेतावनी के संकेत
बुखार उतरने के 24 से 48 घंटे बाद गंभीर चेतावनी के संकेत दिखाई देते हैं, जिन्हें बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इनमें पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, और तेज थकान शामिल हैं। इसके साथ भोजन का स्वाद नहीं आना और अधिक कमजोरी महसूस होना है। बच्चों में चिड़चिड़ापन और लगातार रोना भी गंभीर लक्षण हो सकता है।
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प्लेटलेट्स का गिरना
डेंगू में सबसे बड़ी चिंता प्लेटलेट्स के स्तर का तेजी से गिरना है। प्लेटलेट्स ब्लीडिंग को रोकने में मदद करते हैं। प्लेटलेट्स का स्तर 1 लाख से नीचे गिरने पर डॉक्टर की निगरानी आवश्यक है।
ऐसी स्थिति में डॉक्टर के निगरानी में रहना ही सबसे अच्छा रहता है।
डेंगू से बचने का सबसे प्रभावी उपाय मच्छरों के काटने से बचना है। अपने आस-पास पानी जमा न होने दें, और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। कूलर, गमलों और बर्तनों को नियमित रूप से साफ करें। पूरी बांह के कपड़े पहनें, मच्छर भगाने वाली क्रीम का प्रयोग करें और रात को मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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