Diabetes: डायबिटीज के मरीजों को साल में एक बार जरूर कराने चाहिए ये पांच टेस्ट, डॉक्टर ने दिया सुझाव
Annual Medical Checkup For Sugar Patients : डायबिटीज एक ऐसी समस्या है जिसकी वजह से शरीर में अन्य कई बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में हर डायबिटीज के मरीजों को साल में एक बार कुछ ब्लड टेस्ट जरूर कराना चाहिए। आइए डॉक्टर से जानते हैं।
HbA1c टेस्ट
डायबिटीज प्रबंधन में सबसे महत्वपूर्ण टेस्ट HbA1c है। डॉ. शालिनी के अनुसार, यह टेस्ट आपकी पिछले 90 दिनों की औसत ब्लड शुगर हिस्ट्री बताता है। प्रतिदिन की शुगर जांच में उतार-चढ़ाव हो सकता है, लेकिन HbA1c दीर्घकालिक नियंत्रण की सटीक डेटा बताता है। एक स्वस्थ डायबिटीज मरीज के लिए इसका टारगेट 7% के आसपास होना चाहिए। अगर यह स्तर लगातार इससे अधिक रहता है, तो यह भविष्य में महत्वपूर्ण अंगों प्रभावित कर सकता है।
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खाली पेट और भोजन के बाद शुगर की जांच
इसके बाद आप फास्टिंग और पोस्ट मील शुगर की भी जांच कराएं। खाली पेट टेस्ट यह बताता है कि रात भर आपके शरीर ने शुगर को कैसे नियंत्रित किया, जबकि खाने के बाद की जांच दिखाती है कि आपका शरीर भोजन के बाद होने वाले 'शुगर स्पाइक' को कैसे संभाल रहा है। ये दोनों टेस्ट दवाइयों की खुराक को सही करने और डाइट प्लान को एडजस्ट करने में डॉक्टर की मदद करते हैं, जिससे अचानक होने वाली समस्याओं को रोका जा सकता है।
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लिपिड प्रोफाइल टेस्ट
डायबिटीज के मरीजों में सामान्य लोगों की तुलना में हार्ट अटैक का जोखिम 2 से 4 गुना तक बढ़ जाता है। अधिक शुगर लेवल अक्सर धमनियों को सख्त कर देती है और कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बिगाड़ देती है। डॉ. सोलंकी के मुताबिक साल में एक बार लिपिड प्रोफाइल टेस्ट जरूर कराएं। यह आपके शरीर में अच्छे और बुरे कोलेस्ट्रॉल की स्थिति स्पष्ट करता है, जिससे समय रहते हृदय रोगों के खतरे को पहचाना और कम किया जा सकता है।
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डायबिटीज का सबसे बुरा असर किडनी और आंखों पर पड़ता है। किडनी फंक्शन टेस्ट (केएफटी) के जरिए शुरुआती डैमेज का पता लगाया जा सकता है। इसके साथ ही डायबिटीज रेटिनोपैथी का जोखिम भी अधिक रहता है। इसलिए आंख की जांच (विशेषकर रेटिनोपैथी के लिए) भी बहुत जरूरी है क्योंकि डायबिटिक रेटिनोपैथी बिना किसी दर्द के आती है और धीरे-धीरे आंखों की रोशनी छीन लेती है। नियमित जांच से शुरुआती चरण में ही इन अंगों के नुकसान को रोका जा सकता है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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