मेक्सिको के एक जनरल अस्पताल के बाहर एक गाड़ी रुकती है। स्वास्थ्यकर्मी और कुछ वार्ड ब्यॉय स्ट्रेचर लेकर बाहर आते हैं। जबतक वे उठाकर मरीज को अंदर ले जाते, वह फर्श पर गिर चुका था और तबतक देर हो चुकी थी, बहुत देर। बाइलोन नाम का वह शख्स इस दुनिया से विदा ले रहा था। सांस लेने में हो रही तकलीफों के बीच उसकी पत्नी चिल्लाती रही... सांस लो प्लीज, कोशिश करो...। लेकिन एक घंटे के भीतर शख्स की मौत हो गई।
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Mexico Mystery: कोरोना वायरस से मेक्सिको में हो रही मौतों का बड़ा जिम्मेदार है 'अस्पताल का डर'
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निलेश कुमार
Updated Tue, 11 Aug 2020 03:59 PM IST
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Coronavirus Death
- फोटो : iStock/Amar Ujala
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
- मेक्सिको, दुनिया के ज्यादा प्रभावित देशों में से है, जो कोरोना महामारी के प्रकोप से जूझ रहे हैं। 53 हजार से ज्यादा आंकड़ों के साथ कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में यह तीसरे नंबर पर है। कोरोना वायरस संक्रमण गंभीर होने पर मरीज को अस्पताल में भर्ती कराना जरूरी होता है। सांस लेने में तकलीफ होने पर उसे ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती है। इसमें देरी होने पर उसकी मौत हो सकती है। मेक्सिको में कुछ ऐसा ही हो रहा है।
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कोरोना वायरस जांच (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
- न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2014 में इबोला महामारी के दौरान जब अस्पताल में भी मरीजों की मौत हो जा रही थी, तब लोगों के मन में यह धारणा बन गई कि अस्पताल से भी निराशा और मौत ही हाथ लगनी है। अस्पताल का भय लोगों में ऐसा बैठा कि बीमारी लोग अस्पताल जाने की बजाय घर में ही रहने लगे और अनजाने में उनके परिवारों और पड़ोसियों को यह बीमारी फैल गई।
coronavirus death
- फोटो : PTI
- इस महामारी काल में भी मेक्सिकों में ऐसा ही दुष्चक्र चल रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देश भी संभल नहीं पा रहे। महामारी काल में पहले से ही स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा जाती है। अस्पतालों से वाहनों में शवों का बाहर निकलना, कोविड वार्डों में गंभीर संक्रमण होने पर मौत का इंतजार... ऐसी अवधारणा मेक्सिकोवासियों के मन में बैठी हुई है। ऐसे में उनका यही सोचना है कि किसी तरह जान बचाई जाए। इसके लिए अस्पताल न भी जाना पड़े तो अच्छा।
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मरीज (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
- मेक्सिको में पिछले कुछ महीनों से बहुत सारे लोग तबतक अस्पताल नहीं जाना चाह रहे हैं, जबतक कि उनकी स्थिति बहुत खराब न हो जाए। लेकिन चिकित्सकों के मुताबिक, यह मरीजों को उनकी मौत के करीब धकेल रहा है। वायरस का शिकार होने के अलावा अन्य गंभीर बीमारियों में भी उचित चिकित्सकीय देखभाल के अभाव में लोगों की मौत हो सकती है।
