भारत में वर्षों से पारंपरिक और घरेलू चिकित्सा के लिए कई तरह की औषधियों को प्रयोग में लाया जाता रहा है। आयुर्वेदिक चिकित्सा के साथ-साथ मेडिकल साइंस ने भी इन औषधियों के सेवन के लाभ के बारे में प्रमाणित किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ औषधियों में तो ऐसे दिव्य गुण होते हैं जो कई तरह की गंभीर से गंभीर बीमारियों को भी आसानी से ठीक करने में आपकी मदद कर सकते हैं। गिलोय ऐसी ही एक औषधि है, जिसका वर्षों से कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ के लिए सेवन किया जाता रहा है। विशेषकर कोरोना के दौरान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने के लिए भी गिलोय के काढ़े का सेवन किया गया।
Giloy Benefits: डेंगू-मलेरिया से लेकर कई प्रकार के कैंसर तक से बचाती है यह औषधि, क्या आप करते हैं सेवन?
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानसून में गिलोय के सेवन के लाभ
देशभर में इस समय मानसून का सीजन चल रहा है, इस मौसम में कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषतौर पर मानसून के समय में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों जैसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से लोगों को प्रभावित देखा जाता है। आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि गिलोय का नियमित सेवन न सिर्फ प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देकर लोगों को इन बीमारियों से सुरक्षित रखने में सहायक है साथ ही इन बीमारियों के इलाज के रूप में भी गिलोय के सेवन से लाभ मिलता है।
गिलोय का कैंसर-रोधी गुण
गिलोय के फायदों को जानने के लिए किए गए प्रयोगशाला अध्ययनों से पता चलता है कि इसमें एंटीऑक्सीडेंट प्रभाव होते हैं, जिसका अर्थ है कि यह कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद कर सकता है। ऐसे में गिलोय का नियमित सेवन करने वाले लोगों में स्तन, प्रोस्टेट जैसे कई तरह के कैंसर होने का खतरा भी अन्य लोगों की तुलना में काफी कम होता है। गिलोय के कुछ यौगिक कैंसर रोधी क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं।
सर्दी-जुकाम और फ्लू का उपचार
गिलोय का सेवन एलर्जी के खिलाफ भी आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। सर्दी-जुकाम और हे-फीवर वाले 75 लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि गिलोय के सेवन से इन समस्याओं के लक्षणों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जिन लोगों को मौसम में होने वाले बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम होने लगता है ऐसे लोगों के लिए नियमित तौर पर गिलोय के काढ़े का सेवन करना लाभप्रद हो सकता है।
एंटी-एजिंग जड़ी बूटी
गिलोय को अध्ययनों में एक प्रभावी एंटी-एजिंग जड़ी-बूटी के तौर पर वर्णित किया गया है। फ्लेवोनोइड्स से भरपूर यह औषधि कोशिकाओं की क्षति को कम करके नई कोशिकाओं की वृद्धि को बढ़ावा देने में सहायक है। यह त्वचा को पोषण देने के साथ उम्र बढ़ने वाले संकेतों को कम करने के लिए शरीर में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाता है। गिलोय का सेवन आपको बढ़ती उम्र के लक्षणों से लंबे समय तक बचाए रखने में सहायक है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।