सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और पूरे दिन उपवास के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। पर क्या सभी लोगों के लिए व्रत करना सेहत की दृष्टि से सही है? विशेषतौर पर जिन लोगों को पहले से डायबिटीज या दिल की बीमारी क्या वे लोग भी व्रत कर सकते हैं?
Sawan Somvar Fasting: सावन के सोमवार का कर रहे हैं व्रत? शुगर और बीपी के मरीज जरूर जान लें डॉक्टर की ये सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डायबिटीज या हाई बीपी अच्छी तरह नियंत्रित है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सावधानी बरतते हुए व्रत रखा जा सकता है। लेकिन जिन मरीजों का शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के उपवास नहीं करना चाहिए।
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डायबिटीज या हाई बीपी में व्रत
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डायबिटीज या हाई बीपी अच्छी तरह कंट्रोल में रहता है तो डॉक्टर की सलाह पर सावधानी बरतते हुए व्रत रखा जा सकता है। लेकिन जिन मरीजों का शुगर लेवल बार-बार ऊपर-नीचे होता है या जिन्हें हाल ही में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी हुई हो, उन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के ज्यादा देर तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए।
- डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि आप कभी व्रत नहीं रख सकते हैं। पर इस बात का ध्यान रखना सबसे जरूरी है कि आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे।
- टाइप-1 डायबिटीज या फिर बार-बार हाइपोग्लाइसीमिया, गर्भावस्था या गंभीर किडनी रोग वाले मरीजों को उपवास से बचना चाहिए।
- व्रत के दौरान ब्लड शुगर की निगरानी पहले से अधिक जरूरी होती है।
लंबे समय तक भूखे रहने से क्या हो सकती हैं दिक्कतें?
उपवास के दौरान लंबे समय तक भोजन न करने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर कम होने लगता सकता है। डायबिटीज के मरीजों में इससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी ओर कुछ लोग व्रत पूरा करते समय मिठाई, साबूदाना, आलू या तले हुए फलाहार खाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है।
इसी तरह हाई बीपी के मरीजों में लंबे समय तक पानी न पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसका बीपी पर सीधा असर होता है। इस स्थिति में कुछ लोगों को अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, सिर में तेज दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
व्रत के दौरान क्या करें?
अगर आपको बीपी या शुगर की समस्या है और व्रत कर रहे हैं तो कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
- फलाहार में ऐसे खाद्य पदार्थ ले जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो।
- दूध-दही, मूंगफली, मखाना, बादाम-अखरोट, नारियल पानी अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
- तली हुई चीजें और मिठाइयों से बचें।
- हाई बीपी के मरीजों को सेंधा नमक भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, क्योंकि यह भी सोडियम का स्रोत है।
इन बातों का भी रखें ध्यान
डॉक्टर कहते हैं, व्रत के दौरान यदि ब्लड शुगर 70 mg/dL से कम हो जाए या लगातार चक्कर आएं, हाथ-पांव में कंपकंपी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत व्रत तोड़ देना चाहिए। इसी तरह बीपी बहुत अधिक बढ़ने या बहुत कम होने भी उपवास करना सुरक्षित नहीं है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।