फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Sawan Somvar Fasting: सावन के सोमवार का कर रहे हैं व्रत? शुगर और बीपी के मरीज जरूर जान लें डॉक्टर की ये सलाह

Mon, 03 Aug 2026 02:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Mon, 03 Aug 2026 02:03 PM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डायबिटीज या हाई बीपी अच्छी तरह नियंत्रित है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार सावधानी बरतते हुए व्रत रखा जा सकता है। लेकिन जिन मरीजों का शुगर बार-बार ऊपर-नीचे होता है  उन्हें बिना चिकित्सकीय सलाह के उपवास नहीं करना चाहिए।

विज्ञापन
Sawan Somvar Fasting health affects what precautions should be taken for diabetes and bp patients
सावन में व्रत - फोटो : Amarujala.com/AI

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु सोमवार का व्रत रखते हैं और पूरे दिन उपवास के साथ पूजा-अर्चना करते हैं। पर क्या सभी लोगों के लिए व्रत करना सेहत की दृष्टि से सही है? विशेषतौर पर जिन लोगों को पहले से डायबिटीज या दिल की बीमारी क्या वे लोग भी व्रत कर सकते हैं?



स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों के लिए धार्मिक आस्था जितनी महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए व्रत करना कई बार मुश्किलों का कारण बन सकता है।

डायबिटीज के मरीजों में लंबे समय तक भूखे रहने से ब्लड शुगर अचानक कम या अधिक होने की दिक्कत हो सकती है। वहीं हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों में डिहाइड्रेशन या दवाओं की अनियमितता के कारण बीपी असंतुलित हो सकता है। कई लोग यह सोचकर दवा छोड़ देते हैं कि व्रत में दवा नहीं लेनी चाहिए, जबकि ऐसा करना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है।

अगर आप भी इन बीमारियों का शिकार हैं और व्रत कर रहे हैं तो पहले कुछ जरूरी बातें जान लीजिए।

Sawan Somvar Fasting health affects what precautions should be taken for diabetes and bp patients
व्रत के दौरान रखें सेहत का ख्याल - फोटो : Amarujala.com/AI

डायबिटीज या हाई बीपी में व्रत
 
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर डायबिटीज या हाई बीपी अच्छी तरह कंट्रोल में रहता है तो डॉक्टर की सलाह पर सावधानी बरतते हुए व्रत रखा जा सकता है। लेकिन जिन मरीजों का शुगर लेवल बार-बार ऊपर-नीचे होता है या जिन्हें हाल ही में हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी की बीमारी हुई हो, उन्हें बिना डॉक्टरी सलाह के ज्यादा देर तक खाली पेट नहीं रहना चाहिए।
 

  • डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज होने का मतलब यह नहीं कि आप कभी व्रत नहीं रख सकते हैं। पर इस बात का ध्यान रखना सबसे जरूरी है कि आपका ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे।
  • टाइप-1 डायबिटीज या फिर बार-बार हाइपोग्लाइसीमिया, गर्भावस्था या गंभीर किडनी रोग वाले मरीजों को उपवास से बचना चाहिए। 
  • व्रत के दौरान ब्लड शुगर की निगरानी पहले से अधिक जरूरी होती है।
Sawan Somvar Fasting health affects what precautions should be taken for diabetes and bp patients
ब्लड प्रेशर के कारण होने वाली दिक्कतें - फोटो : Freepik.com

लंबे समय तक भूखे रहने से क्या हो सकती हैं दिक्कतें?

उपवास के दौरान लंबे समय तक भोजन न करने से शरीर में ग्लूकोज का स्तर कम होने लगता सकता है। डायबिटीज के मरीजों में इससे हाइपोग्लाइसीमिया का खतरा बढ़ जाता है। दूसरी ओर कुछ लोग व्रत पूरा करते समय मिठाई, साबूदाना, आलू या तले हुए फलाहार खाते हैं, जिससे ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। 

इसी तरह हाई बीपी के मरीजों में लंबे समय तक पानी न पीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, इसका बीपी पर सीधा असर होता है। इस स्थिति में कुछ लोगों को अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, सिर में तेज दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Sawan Somvar Fasting health affects what precautions should be taken for diabetes and bp patients
ब्लड शुगर पर दें ध्यान - फोटो : Freepik.com

व्रत के दौरान क्या करें?

अगर आपको बीपी या शुगर की समस्या है और व्रत कर रहे हैं तो कुछ सावधानियां जरूरी हैं।
 

  • फलाहार में ऐसे खाद्य पदार्थ ले जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो। 
  • दूध-दही, मूंगफली, मखाना, बादाम-अखरोट, नारियल पानी अच्छे विकल्प हो सकते हैं। 
  • तली हुई चीजें और मिठाइयों से बचें। 
  • हाई बीपी के मरीजों को सेंधा नमक भी सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए, क्योंकि यह भी सोडियम का स्रोत है। 


इन बातों का भी रखें ध्यान

डॉक्टर कहते हैं, व्रत के दौरान यदि ब्लड शुगर 70 mg/dL से कम हो जाए या लगातार चक्कर आएं, हाथ-पांव में कंपकंपी या बेहोशी महसूस हो तो तुरंत व्रत तोड़ देना चाहिए।  इसी तरह बीपी बहुत अधिक बढ़ने या बहुत कम होने भी उपवास करना सुरक्षित नहीं है।




--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed