शहद हमारी सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी है। आयुर्वेदिक और मेडिकल साइंस ने भी तमाम अध्ययनों में पाया कि शहद का सेवन कई प्रकार से हमारी सेहत को बूस्ट दे सकता है। इसे पाचन से लेकर त्वचा की समस्याओं और चीनी के विकल्प के तौर पर सेवन किया जाता रहा है। चूंकि यह स्वाद में मीठा होता है ऐसे में सवाल उठता है कि क्या डायबिटीज रोगी भी इसका सेवन कर सकते हैं? क्या शहद, ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देती है, आइए इस बारे में आगे विस्तार से समझते हैं।
Ayurveda: आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर होता है शहद, क्या डायबिटीज के मरीज भी कर सकते हैं इसका सेवन?
चीनी की तुलना में तो शहद न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो मधुमेह की जटिलताओं को कम कर सकते हैं। पर इसका सेवन कितना सुरक्षित है यह व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है।
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डायबिटीज में शहद खा सकते हैं?
कुछ लोग अपनी चाय में शहद मिलाते हैं या बेक करते समय इसे स्वीटनर के रूप में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या मधुमेह वाले लोगों के लिए शहद सुरक्षित है? इसपर अध्ययनों में अलग-अलग तर्क मिलते हैं। टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों को अपने कार्बोहाइड्रेट और चीनी के सेवन पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- चीनी की तुलना में तो शहद न केवल सुरक्षित है, बल्कि इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो मधुमेह की जटिलताओं को कम कर सकते हैं।
- पर इसका सेवन कितना सुरक्षित है यह व्यक्ति की सेहत पर निर्भर करता है।
चीनी की जगह खाएं शहद
आमतौर पर, कई व्यंजनों में चीनी के स्थान पर शहद का उपयोग किया जाता है। लेकिन क्योंकि शहद, चीनी से अधिक मीठा होता है, ऐसे में यह जटिलताओं को बढ़ाने वाला भी हो सकता है। चीनी और शहद दोनों ही रक्त शर्करा स्पाइक्स का कारण बन कर सकते हैं, इसलिए शहद के इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह ले लेना बहुत आवश्यक है।
यह चीनी का विकल्प तो हो सकता है पर हर डायबिटीज रोगी के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
इन बातों को भी जानिए
शहद का सेवन करने के जोखिम और लाभ दोनों हो सकते हैं, खासकर यदि आपको मधुमेह है तो बिना डॉक्टर के सलाह के इसका सेवन न करें। शहद ब्लड शुगर के स्तर को प्रभावित कर सकता है। डॉक्टर यह सलाह देते हैं कि जब तक आपका मधुमेह अच्छी तरह से प्रबंधित नहीं हो जाता तब तक आपको अधिक मिठास वाली चीजों से बचना चाहिए।
गर्भवती और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोगों को कच्चे शहद का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह पास्चुरीकृत नहीं होता है। इस प्रकार के शहद का सेवन करने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।