हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज की समस्या धीरे-धीरे बहुत कॉमन होती जा रही है। जिस तरह से ये बीमारी सभी उम्र के लोगों को अपना शिकार बना रही है, ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि अब इससे किसी को भी सुरक्षित नहीं माना जा सकता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ कम उम्र से ही डायबिटीज से बचाव के उपाय, खान-पान में सुधार और नियमित रूप से बॉडी चेकअप कराते रहने की सलाह दे रहे हैं।
Diabetes: '4-T फॉर्मूला' से घर बैठे जानिए आपको डायबिटीज है या नहीं? थोड़ा भी शक है तो तुरंत करें ये जांच
Diabetes Test At Home: क्या बिना किसी जांच और पैसा खर्च किए,घर बैठे ही यह जाना जा सकता है कि आपको शुगर की बीमारी है या नहीं? जवाब है-हां। इसके लिए डॉक्टरों ने 4T फॉर्मूला के बारें बताया है जिसकी मदद से डायबिटीज का पता लगाया जा सकता है।
शुगर की जांच के लिए 4-T फॉर्मूला
डॉक्टर कहते हैं, डायबिटीज की स्थिति में शरीर खुद ही बताता है कि आपको अलर्ट हो जाना चाहिए और डॉक्टर से मिलना चाहिए। पर हम इन संकेतों पर ध्यान नहीं देते या अनदेखा करते रहते हैं। अगर समय रहते इनकी पहचान हो जाए तो इस बीमारी को बढ़ने से न सिर्फ रोका जा सकता है बल्कि आंख, किडनी जैसे अंगों को भी हाई शुगर के कारण होने वाली दिक्कतों से बचाया जा सकता है।
डायबिटीज का घर पर ही पता लगाने के लिए डॉक्टरों ने 4T फॉर्मूला के बारे में बताया है, जिसकी मदद से बिना सुई, बिना खून की जांच के ही पता लग सकता है कि आपको शुगर की बीमारी तो नहीं है?
क्या है ये 4-T फॉर्मूला?
4-T फॉर्मूला दरअसल चार अंग्रेजी अक्षरों पर आधारित है, जो डायबिटीज के सामान्य और शुरुआती लक्षणों की ओर इशारा करता है।
पहला T (Toilet) डॉक्टर कहते हैं, हमारे शरीर का मैकेनिज्म ऐसा है कि वह खुद की सुरक्षा आसानी से कर सकता है। डायबिटीज में जब ब्लड शुगर बढ़ने लगता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस के कारण ये ऊर्जा में परिवर्तित होने के लिए कोशिकाओं में नहीं जा पाता है, तो हमारा शरीर किडनी को काम पर लगा देता है।
किडनी अतिरिक्त शुगर यानी ग्लूकोज को शरीर से बाहर निकालने के लिए पेशाब की मात्रा बढ़ाने लगती है जिसके कारण आपको बार-बार पेशाब आता है।
(शरीर को धीरे-धीरे खोखला बना देती है इंसुलिन रेजिस्टेंस की स्थिति, आप भी न हो जाएं शिकार?)
दूसरा T (Thirst) जब शरीर से बार-बार पेशाब के जरिए अतिरिक्त ग्लूकोज और पानी बाहर निकलता है तो इसके कारण आपको ज्यादा प्यास लगने लगती है। यही कारण है कि डायबिटीज के मरीजों को अक्सर प्यास लगी रहती है।
तीसरा T (Tiredness) शरीर को काम करने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है जो हमें ग्लूकोज से मिलती है। डायबिटीज में ग्लूकोज कोशिकाओं में सही तरीके से पहुंच नहीं पाता है जिससे कोशिकाएं कमजोर होने लगती हैं। शरीर में ग्लूकोज यानी ऊर्जा की कमी होने के कारण रोगी को अक्सर थकान की दिक्कत बनी रहती है।
चौथा T (Thinning) शरीर की कोशिकाओं के पास ग्लूकोज नहीं है, पर ये खून में घूम रहा है जो कोशिकाओं के किसी काम का नहीं है। ऐसे में शरीर की कोशिकाएं दूसरे माध्यम से ग्लूकोज प्राप्त करने की कोशिश करने लगती हैं। इस स्थिति में हमारी कोशिकाएं शरीर के फैट और प्रोटीन को तोड़ने लगती हैं और वहां से ऊर्जा बनाती हैं। इस वजह से शरीर का फैट और प्रोटीन दोनों खर्च होने लगता है यही कारण है शरीर पतला हो जाता है और तेजी से वजन घटने लगता है।
अगर आपको भी इन चारों में से दो-तीन दिक्कतें भी अक्सर महसूस होती रहती हैं तो सावधान हो जाइए। ये डायबिटीज का संकेत हो सकता है। समय रहते डॉक्टर से मिलकर HBA1C जांच और इलाज कराएं।
--------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।