Ram Mandir Ayodhya: आज राम भक्तों के लिए खास दिन है। आज ही के दिन दो साल पहले उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दूसरी वर्षगांठ आस्था, इतिहास और पुनर्जागरण का जीवंत प्रतीक है।
Ram Mandir Ayodhya: अयोध्या जाने से पहले पढ़ लें, राम मंदिर से जुड़ी 10 जरूरी बातें
Ram Mandir Ayodhya: श्रीराम जन्मभूमि में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ 22 जनवरी 2026 को मनाई जा रही है। इस मौके पर जानिए अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी खास बातें।
अयोध्या राम मंदिर की 10 खासियतें
नागर शैली की भव्य वास्तुकला
राम मंदिर पारंपरिक नागर शैली में निर्मित है जो उत्तर भारत की प्राचीन मंदिर परंपरा की पहचान है। ऊंचे शिखर, मंडप और स्तंभ मंदिर को कालातीत सौंदर्य देते हैं।
पूरी तरह स्वदेशी निर्माण
मंदिर निर्माण में विदेशी सामग्री का प्रयोग नहीं किया गया। राजस्थान का पत्थर, भारत की पारंपरिक इंजीनियरिंग, यह मंदिर आत्मनिर्भर भारत का स्थापत्य उदाहरण है।
लोहे का प्रयोग नहीं
यह एक अनोखी विशेषता है कि मंदिर निर्माण में लोहे का उपयोग नहीं हुआ। पत्थरों को पारंपरिक इंटरलॉकिंग तकनीक से जोड़ा गया है, जिससे मंदिर सदियों तक टिकाऊ रहेगा।
तीन मंजिला भव्य संरचना
राम मंदिर तीन मंज़िला है। हर मंज़िल पर अलग-अलग मंडप, जो श्रद्धालुओं को क्रमिक दर्शन अनुभव देते हैं।
गर्भगृह में बालक रामलला
गर्भगृह में बाल स्वरूप रामलला विराजमान हैं। राम जी के बाल स्वरूप की मनमोहक छवि देख यात्रा पूरी हो जाती है। मन आनंदित हो उठता है।
रामायण की कथाओं से सजी दीवारें
मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर रामायण की प्रमुख कथाएं उकेरी गई हैं। यह मंदिर केवल दर्शन नहीं, चलती-फिरती कथा है।
दिव्य परिसर और परिक्रमा पथ
मंदिर परिसर में विस्तृत परिक्रमा पथ, यज्ञशालाएं और उद्यान हैं। श्रद्धालु यहां शांति से बैठकर सरयू की हवा में राम नाम महसूस कर सकते हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
इस मंदिर में आस्था के साथ सुविधा मिलती है। डिजिटल दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और दिव्यांग-अनुकूल मार्ग राम मंदिर को आधुनिक तीर्थ बनाते हैं।