लाइफस्टाइल-खानपान में गड़बड़ी, तनाव और शारीरिक गतिविधियों में कमी ने हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को आम बना दिया है। पहले इसे 50 की उम्र के बाद होने वाली बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 20 साल के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। सबसे खतरनाक बात यह है कि अक्सर इसके कोई साफ लक्षण नहीं दिखते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ना हार्ट, किडनी और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है।
Health Risk: हार्ट-किडनी का दुश्मन है हाई ब्लड प्रेशर, कहीं आप भी तो नहीं हैं इसका शिकार? ऐसे जानिए
हाई ब्लड प्रेशर को हृदय रोगों का प्रमुख कारक माना जाता है। यह आपमें हार्ट अटैक, हार्ट फेलियर और कार्डियक अरेस्ट जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
ब्लड प्रेशर बढ़ने की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर हम सभी सिर्फ अपनी लाइफस्टाइल और आहार को ही ठीक कर लें तो ब्लड प्रेशर की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर धमनियों को प्रभावित करती है। यदि आपको उच्च रक्तचाप है, तो इसका मतलब है कि धमनी की दीवारों के खिलाफ रक्त का प्रेशर लगातार बहुत अधिक है। रक्त पंप करने के लिए हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इस स्थिति को शरीर में कई गंभीर और जानलेवा समस्याओं का कारण माना जाता है।
130/80 मिमी एचजी या उससे अधिक की रीडिंग को हाई ब्लड प्रेशर का संकेत माना जाता है।
क्यों बढ़ता है ब्लड प्रेशर?
ब्लड प्रेशर मुख्यरूप से दो चीजों से निर्धारित होता है- हृदय कितना रक्त पंप करता है और धमनियों के माध्यम से रक्त किस तरह से संचारित होता है।
हृदय जितना अधिक रक्त पंप करता है और धमनियां जितनी संकरी होती हैं, रक्तचाप उतना ही अधिक होता है। इसके अधिक होने के कई कारण हो सकते हैं जैसे फैमिली हिस्ट्री, मोटापा, व्यायाम की कमी होना, भोजन में नमक की अधिकता या फिर कोई अंतर्निहित बीमारी।
कहीं आप भी तो नहीं हैं हाई ब्लड प्रेशर का शिकार?
हाई बीपी वाले लोगों के शरीर में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं जो गंभीर स्थितियों में हृदय की जानलेवा समस्याओं का कारण भी बन सकती हैं। इन लक्षणों की समय रहते पहचान जरूरी है।
- गंभीर सिरदर्द-छाती में दर्द।
- चक्कर आना।
- अक्सर सांस लेने में दिक्क्त।
- जी मिचलाना-उल्टी
- धुंधला दिखाई देना
- चिंता-घबराहट होना।
ब्लड प्रेशर बढ़ जाए तो क्या करें?
यदि आप पहले से ही ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं तो नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करते रहें। अगर यह बढ़ता है तो इसे कंट्रोल करने के तरीकों पर ध्यान दें। अपनी जीवनशैली में बदलाव करके रक्तचाप को नियंत्रित किया जा सकता है।
- भोजन में नमक की मात्रा कम करें, हृदय को स्वस्थ रखने वाले आहार का सेवन करें।
- नियमित रूप से शारीरिक व्यायाम करें।
- वजन को स्वस्थ बनाए रखें, वजन को बढ़ने न दें।
- शराब- धूम्रपान से बिल्कुल दूरी बनाकर रखें।
- रोजाना रात में 6 से 8 घंटे की नींद लें।
- अगर ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं रहता है तो डॉक्टर की समय रहते सलाह लें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।