How To Stop Drinking Too Much Tea: आज के आधुनिक दौर में बहुत से लोगों को चाय या कॉफी पीने की आदत होती है। वैसे तो सीमित मात्रा में चाय या कॉफी का सेवन करना सेहत के लिए फायदेमंद होता है। मगर जिन लोगों को जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन करने की आदत होती है, उन्हें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। हेल्थ एक्सर्ट्स का भी मानना है कि चाय-कॉफी पीने की आदत जब लत में बदल जाती है तो शरीर कई बीमारियों का घर बन सकता है।
Health Tips: जरूरत से ज्यादा चाय-कॉफी पीने की आदत से परेशान हैं? आदत सुधारने के लिए अपनाएं ये उपाय
Caffeine Addiction Recovery: अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि कुछ लोगों को चाय या कॉफी पीने की आदत होती है। मगर ध्यान देने वाली बात यह है कि जरूरत से ज्यादा कैफीन का सेवन सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। आइए इस लेख में इसी के बारे में विस्तार से जानते हैं।
कैफीन की लत छुड़ाने के लिए धीरे-धीरे कटौती करना क्यों जरूरी है?
कैफीन की लत को अचानक छोड़ना बहुत चुनौतीपूर्ण हो सकता है इसलिए चाय-कॉफी को अचानक बंद करने से चिड़चिड़ापन और गंभीर सिरदर्द हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि आप अपने कप का आकार छोटा करें साथ ही आप जितने बार भी दिनभर में चाय पीते हों उसे एक-एक करके कम करें।
उदाहरण के लिए अगर आप दिन में 5 कप पीते हैं, तो उसे 3 पर लाएं। यह 'ग्रैजुएल रिडक्शन' तकनीक आपके मस्तिष्क को कम कैफीन में तालमेल बिठाने का समय देती है, जिससे शरीर पर नकारात्मक प्रभाव कम पड़ता है।
ये भी पढ़ें- Health Tips: महिलाओं की सेहत के लिए खतरे की घंटी, आपकी ये छोटी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी मुसीबतों का कारण
चाय-कॉफी की तलब होने पर क्या करें?
जब भी चाय की तीव्र इच्छा हो, तो शरीर को विकल्प दें। हर्बल टी, जैसे तुलसी, अदरक या कैमोमाइल चाय एक बेहतरीन चुनाव है। ये न केवल कैफीन मुक्त हैं, बल्कि शरीर को डिटॉक्स भी करती हैं। अगर आप कॉफी के शौकीन हैं, तो 'डिकैफ' कॉफी या भुने हुए चने का सत्तू ड्रिंक आजमा सकते हैं। इस सब के साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है, क्योंकि कई बार प्यास को हम कैफीन की तलब समझ लेते हैं।
ये भी पढ़ें- Diabetes: आपको कभी टाइप-2 डायबिटीज होगा या नहीं? लक्षण दिखने से कई साल पहले ही चल जाएगा इसका पता
नींद और खान-पान में सुधार से इस लत पर कैसे काबू पाएं?
अधूरी नींद कैफीन की लत का सबसे बड़ा कारण है। जब आप 7-8 घंटे की गहरी नींद लेते हैं, तो शरीर को चाय-कॉफी की जरूरत कम महसूस होती है। साथ ही, प्रोटीन वाला नाश्ता करने से आपका शुगर लेवल स्थिर रहता है, जिससे दिन भर होने वाली थकान और 'क्रैविंग्स' कम होती हैं। मैग्नीशियम युक्त खाद्य पदार्थ जैसे बादाम और कद्दू के बीज नसों को शांत रखने में मदद करते हैं।
इच्छाशक्ति और अनुशासन ही स्थायी समाधान है
कैफीन की लत से मुक्ति आपके पाचन, त्वचा और मानसिक स्वास्थ्य में बड़ा सुधार ला सकती है। अक्सर कुछ लोग अनजाने में एनर्जी के लिए एक ऐसी चीज पर निर्भर हो रहे हैं जो अंदर से हमें खोखला कर रही है। ऐसे में संयम बरतें, अपनी ग्रोथ को ट्रैक करें और याद रखें कि स्थायी ऊर्जा संतुलित आहार और योग से आती है, न कि कैफीन के कप से। इसलिए अपनी सेहत को प्राथमिकता देना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।