वातावरण में तेजी से बढ़ते जा रहे प्रदूषण और खाने में पोषक तत्वों की कमी के कारण मौजूदा समय में बालों के झड़ने की समस्या बहुत ही आम सी हो गई है। पुरुष ही नहीं महिलाओं में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। बालों के तेजी से झड़ने की समस्या कुछ रोगों के कारण भी हो सकती है, एलोपेसिया एरीटा भी ऐसी ही एक गंभीर समस्या है जिससे दुनिया के तमाम लोग परेशान हैं। एलोपेसिया एरीटा एक तरह की ऑटोइम्यून बीमारी है जो लोगों में अप्रत्याशित रूप से बालों के झड़ने का कारण हो सकती है।
एलोपेसिया एरीटा के कारण कम उम्र में ही हो सकते हैं पूरे गंजे, जाने इसके लक्षण और बचाव के तरीके
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क्या है एलोपेसिया एरीटा की समस्या?
एक आंकड़े के अनुसार अमेरिका में करीब 6.8 मिलियन यानी 68 लाख लोग एलोपेसिया एरीटा से ग्रस्त हैं। इस रोग में सिर पर छोटे-छोटे पैच के रूप में बाल झड़ने लगते हैं। कई लोगों में इस बीमारी के कारण पूरे खोपड़ी के बाल झड़ जाते हैं जबकि कुछ मामलों देखने को मिला है कि इस समस्या के कारण शरीर के अन्य हिस्सों के बाल भी गायब हो जाते हैं।
एलोपेसिया एरीटा की समस्या किसी भी उम्र या लिंग के लोगों को हो सकती है, हालांकि ज्यादातर मामलों में 30 साल से कम आयु के लोगों में यह समस्या देखने को मिलती है। इस बीमारी की पहचान के लिए देखा जा सकता है कि रोगी के सिर पर सिक्के के आकार के पैच नजर आते है। इन पैचों में बाल पूरी तरह से साफ हो जाते हैं। कुछ लोगों में ऐसे लक्षण दाढ़ी और पलकों के साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी देखे जा सकते हैं।
बालों का झड़ना अचानक से, कुछ दिनों में या कुछ हफ्तों में विकसित हो सकता है। बालों के झड़ने से पहले प्रभावित हिस्से में खुजली या जलन हो सकती है। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि पैच में रोम छिद्र नष्ट नहीं होते हैं इसलिए बाल फिर से उग सकते हैं। जिन लोगों के सिर में बालों के झड़ने के सिर्फ कुछ पैच दिखाई देते हैं उनके बालों के दोबारा आने की संभावना अधिक होती है।
क्यों होती है यह समस्या?
एलोपेसिया एरीटा का मुख्य कारण सफेद रक्त कोशिकाओं का बालों के रोम की कोशिकाओं पर हमला करना होता है। इसके चलते बालों की कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं जिसके कारण बालों का उत्पादन और उनका बढ़ना रुक जाता है। वैज्ञानिकों को अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि किन कारणों से शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इस तरह से बालों के रोम कोशिकाओं पर हमला बोल देती है।