आजकल तनाव की समस्या बहुत आम हो चुकी है और जब से कोरोना आया है, तब से यह बच्चों में भी देखी जा रही है। बच्चे घर के घर में रह रहे हैं, कहीं आना- जाना नहीं कर पा रहे हैं, उनकी जीवनशैली में इस तरह का परिवर्तन उन्हें कोरोना से तो सुरक्षित रख रहा है लेकिन तनाव की गिरफ्त में वे जा रहे हैं। ऐसे में घर वाले कई बार इन लक्षणों को समझ भी नहीं पाते हैं और इस समस्या का पता बहुत देर से चलता है तबतक बच्चा बहुत परेशान हो चुका होता है और उसे ठीक होने में भी लंबा समय लगता है इसलिए अगली स्लाइड्स से डॉ राहुल वैद्य, चाइल्ड साइकोलॉजिस्ट, संजीवनी हॉस्पिटल, भोपाल से जानिए बच्चों में तनाव के लक्षण।
कोरोना से सुरक्षित रहते हुए कहीं बच्चे तनाव का तो नहीं हो रहे शिकार? जानिए लक्षण
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नींद की आदत में बदलाव
यदि आपके बच्चे को पिछले कुछ दिनों से या तो बहुत अधिक नींद आ रही है या वह सो ही नहीं पा रहा है तो यह ठीक नहीं है क्योंकि यह तनाव का लक्षण हो सकता है। बच्चा नींद में से उठकर बार-बार बैठ जाता है, उठने पर रोने लगता है या विचित्र तरीके के मुंह बनाता है तो यह भी तनाव के ही लक्षण हैं, इन्हें बिल्कुल भी हल्के में न लें और बच्चे की नींद अच्छी हो, इसका पूरा ख्याल रखें।
निष्क्रिय हो जाना
यदि आपका बच्चा एक जगह बैठता ही न हो और अचानक से उसके खेलने- कूदने की आदत में परिवर्तन दिख रहे हैं, वो एक जगह ही लंबे समय तक बैठ रहा है, किसी के साथ घूलमिल नहीं पा रहा है, उसका पसंदीदा भोजन भी नहीं खा रहा है तो यह व्यवहार मानसिक समस्या का संकेत बिल्कुल हो सकता है। ऐसे समय में आप अधिक से अधिक बच्चे को समय दें।
शौच की आदत में बदलाव
यदि बच्चा अचानक ही बिस्तर गीला करना शुरू कर देता है जबकि लंबे समय से उसने यह आदत छोड़ दी है, अधिक शौच के लिए जाता है या शौच के लिए जाता ही नहीं है तो भी बच्चा तनाव का शिकार हो सकता है। तनाव का असर पेट पर भी पड़ता है। साथ ही यदि बच्चा निष्क्रिय हो गया है तो पाचन तंत्र भी प्रभावित होगा इसलिए उसकी शौच की आदतों पर विशेष ध्यान दें।
चिड़चिड़ा होना
बच्चे के स्वभाव में चिड़चिड़ापन दिखाई दे रहा है, वह खिलौनों पर गुस्सा निकाल रहा है, अधिक समय रो-रोकर बीता रहा है तो यह भी तनाव के संकेत हैं। ऐसे में कोशिश करें कि बच्चे का ध्यान भटकाएं। उसे खुली हवा में ले जाएं नहीं तो यह चिड़चिड़ापन और भी बढ़ने लगेगा और एकसमय पर बच्चा खुद इससे परेशान होने लगेगा।