मोटापा की स्थिति पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बनी हुई है। भारतीय आबादी भी इसका तेजी से शिकार होती जा रही है। साल 2022 के लैंसेट स्टडी के अनुसार, भारत में 44 मिलियन (4.4 करोड़) महिलाएं और 26 मिलियन (2.6 करोड़) पुरुष मोटापे से ग्रस्त थे। हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा बढ़ने की जो गति फिलहाल देखी जा रही है अगर वही जारी रहती है कि आने वाले कुछ दशकों में भारत में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ सकती है।
World Obesity Day: 2050 तक भारत में कितना बढ़ जाएगा मोटापा? सामने आए डराने वाले आंकड़े; आप भी हो जाइए सावधान
मोटापा अब सिर्फ पश्चिमी देशों की समस्या नहीं रह गया है। भारतीय आबादी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी इसका शिकार हो रहे हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा बढ़ने की जो गति फिलहाल देखी जा रही है अगर वही जारी रहती है कि आने वाले कुछ दशकों में भारत में मोटापा के शिकार लोगों की संख्या काफी बढ़ सकती है।
2050 तक और बढ़ सकते हैं मोटापे के मामले
भारत में मोटापे के खतरे को लेकर द लैंसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में डराने वाले आंकड़े सामने आए हैं। इसमें कहा गया है कि अगले 25 वर्षों में यानी साल 2050 तक भारत की लगभग एक तिहाई आबादी मोटापे का शिकार हो सकती है। यानी अगले दो दशकों में 44.9 करोड़ लोग मोटापे से ग्रस्त हो सकते हैं।
इससे पहले राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-5) ने पहले से ही संकेत दिया था मौजूदा समय में देश में हर चार में से एक व्यक्ति को मोटापे की समस्या है। सबसे चिंताजनक बात ये है कि बच्चे और वयस्क इसका तेजी से शिकार होते जा रहे हैं, जिसके कारण भविष्य में स्वास्थ्य क्षेत्र पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है।
भारत को दुनिया के शीर्ष तीन मोटापाग्रस्त देशों में
इससे पहले लैंसेट के ही एक अन्य अध्ययन में भारत को दुनिया के शीर्ष तीन मोटापाग्रस्त देशों में से एक बताया गया था। रिपोर्ट के अनुसार भारत की 70% शहरी आबादी मोटापे या अधिक वजन वाली श्रेणी में आती है, जिससे देश मोटापे के संकट बढ़ता जा रहा है।
मोटापे के सबसे ज्यादा शिकार टॉप 10 देशों में अमेरिका और चीन के बाद भारत तीसरे स्थान पर है। इस रिपोर्ट में बताया गया कि भारत में तीन करोड़ से अधिक वयस्क या तो अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त हैं।
क्यों बढ़ रहा है इसका खतरा?
अध्ययनों से पता चलता है कि मोटापा को बढ़ाने वाले कई कारक हो सकते हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी के अलावा कई अन्य कारक भी आपके वजन को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जो लोग शारीरिक रूप से कम सक्रिय रहते हैं उनमें मोटापे का खतरा अधिक होता है। इसके अलावा में टेक्नोलॉजी पर बढ़ती हमारी निर्भरता के कारण भी वजन बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।
स्क्रीन टाइम यानी मोबाइल-लैपटॉप, टीवी जैसे उपकरणों पर बीतने वाला समय, हमें शारीरिक रूप से निष्क्रिय बनाता जा रहा है। ऐसे में शारीरिक सक्रियता, व्यायाम में कमी जैसी दिक्कतें बढ़ रही हैं जो सीधे तौर पर मोटापे के खतरे को बढ़ाने वाली मानी जाती हैं। यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट
वेट लॉस के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए?
आहार विशेषज्ञों ने वजन को कंट्रोल रखने के लिए कुछ जरूरी उपाय बताए हैं जिनकी मदद से वेट लॉस में मदद मिल सकती है।
वजन कंट्रोल रखने के लिए भोजन में विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां, साबुत अनाज, लीन प्रोटीन और स्वस्थ वसा वाली चीजों को शामिल करें। इसके अलावा खूब पानी पिएं, भूख को नियंत्रित करने में मदद के लिए पूरे दिन हाइड्रेटेड रहें। सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम-तीव्रता वाले व्यायाम का लक्ष्य रखें और पैकेज्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।
वजन को कंट्रोल रखने के लिए स्ट्रेस लेने से बचें। अधिक तनाव लेने वाले लोगों में वजन बढ़ने का खतरा ज्यादा देखा जाता रहा है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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