कई यूरोपीय देशों में चिंता का कारण बना मंकीपॉक्स वायरस अब भारत में भी दस्तक दे चुका है। केरल के कोल्लम जिले में देश में पहले मंकीपॉक्स के संक्रमण की पुष्टि की गई है। भारत में अब तक यह मंकीपॉक्स का पहला केस है। केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने बताया कि इस सप्ताह संयुक्त अरब अमीरात से लौटे 35 वर्षीय व्यक्ति में संक्रमण का पता चला है। माना जा रहा है कि संक्रमित व्यक्ति अमीरात में एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आया था, जिसमें पहले ही संक्रमण की पुष्टि की जा चुकी थी।
Monkeypox Alert: देश में पहला मामला सामने आने के बाद अलर्ट जारी, जानिए किनमें इसका खतरा अधिक, कैसे करें बचाव?
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लक्षणों की समय पर पहचान जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स एक दुर्लभ बीमारी है, यह चिकनपॉक्स वायरस के परिवार का हिस्सा है। मंकीपॉक्स के लक्षण चेचक के लक्षणों के समान होते हैं। समय रहते इसके लक्षणों की पहचान कर इसकी गंभीरता को कम किया जा सकता है। जिस तरह से देश में संक्रमण का पहला मामला रिपोर्ट किया गया है ऐसे में सभी लोगों को इसके लक्षणों की जांच जरूर करते रहना चाहिए।
- बुखार-सिरदर्द
- मांसपेशियों में दर्द
- लिम्फ नोड्स में सूजन।
- ठंड लगना
- गंभीर थकावट।
- चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों जैसे हाथ, पैर, छाती, जननांग या फुंसी या फफोले दिखना।
मंकीपॉक्स से बचाव कैसे करें?
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक कुछ बातों का ध्यान रखकर मंकीपॉक्स से बचाव किया जा सकता है।
- जिन लोगों में मंकीपॉक्स जैसे लक्षण दिखते हों उनकी त्वचा के निकट संपर्क से बचें।
- मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ आलिंगन या संभोग न करें।
- मंकीपॉक्स वाले व्यक्ति के साथ खाने के बर्तन या कपड़े-बिस्तर साझा न करें।
- अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं या अल्कोहल-आधारित हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
- उन स्थानों की यात्रा करने से बचें जहां पर मंकीपॉक्स के रोगियों की हाल-फिलहाल पहचान की गई है।
मंकीपॉक्स हो जाए तो क्या करें?
मंकीपॉक्स संक्रमण दुर्लभ है और इसके घातक होने का खतरा बहुत ही कम होता है। संक्रमण से बचाव के तरीकों को प्रयोग में लाकर आप सुरक्षित रह सकते हैं। हालांकि यदि आपको फिर भी मंकीपॉक्स का संक्रमण हो जाता है तो खुद को आइसोलेट कर लें जिससे संक्रमण फैलने न पाए। यदि आपमें इस संक्रमण के लक्षण जैसे दाने या बुखार आदि हैं तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करके स्थिति का सही निदान और उपचार कराएं।
मंकीपॉक्स संक्रमण का जोखिम कैसे कम करें?
मंकीपॉक्स संक्रमण से बचे रहने के लिए टीकाकरण सबसे बेहतर उपाय माना जाता है। चिकनपॉक्स के लिए प्रयोग में लाए जा रहे टीके आपको मंकीपॉक्स के खतरे से सुरक्षित रख सकते हैं। मंकीपॉक्स जूनोटिक रोग है और इसके बच्चों तथा अन्य गंभीर कॉमारबिडिटी वाले लोगों होने का जोखिम अधिक होता है। आंकड़ों के मुताबिक मंकीपॉक्स संक्रमण की गंभीर स्थिति में मृत्युदर 11 प्रतिशत तक हो सकती है, बचाव के उपाय करके इससे सुरक्षित रहा जा सकता है।
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स्रोत और संदर्भ
Monkeypox Prevention
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