दुनियाभर में वर्षों से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए पपीते का सेवन किया जाता रहा है। पपीता अपने जीवाणुरोधी गुणों के साथ पाचन को बढ़ावा देने वाले फलों में से भी एक माना जाता है। यह फल विटामिन-ई, सी और बीटा-कैरोटीन के साथ एंटीऑक्सिडेंट्स गुणों से भी भरपूर होता है जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। पपीता के पौधे के लगभग हर हिस्से के उपयोग से होने वाले लाभ का जिक्र मिलता है, कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि फलों के साथ पपीता के पत्ते भी शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकते हैं। विशेषकर पपीता के पत्ते, मानसून के इस समय में फैलने वाले कई तरह की बीमारियों के उपचार में भी आपके लिए काफी मददगार हो सकते हैं।
Papaya Leaf Benefits: सिर्फ फल ही नहीं पपीते के पत्ते भी हैं बेहद फायदेमंद, मानसून की इन बीमारियों से देते हैं सुरक्षा
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डेंगू बुखार में लाभ
डेंगू बुखार को ठीक करने के लिए दवाइयों के साथ पपीते के पत्ते के रस का सेवन करना काफी कारगर माना जाता है। डेंगू, संक्रमित एडीज मच्छरों के कारण होने वाली बीमारी है, जिसमें रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या कम हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि पपीते के पत्ते का अर्क प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने में सहायक हो सकता है। प्लेटलेट्स कम रहने से डेंगू के लक्षण बिगड़ने लगते हैं।
ब्लड प्लेटलेट्स बढ़ाने में सहायक
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने पाया कि पपीते के पत्ते म्यूरिन मॉडल में प्लेटलेट और आरबीसी की संख्या में वृद्धि करने वाले पाए गए हैं। इस आधार पर शोधकर्ता सुझाव देते हैं कि पपीते के पत्ते के अर्क का उपयोग हेमोपोइजिस और थ्रोम्बोपोइज़िस को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी तौर पर काम करता है। डेंगू जैसी जिन बीमारियों में ब्लड प्लेटलेट्स घटने लगते हैं उसमें सुधार करने के लिए भी इसका सेवन करना लाभदायक हो सकता है।
मलेरिया रोधी गुण
डेंगू के साथ-साथ पपीते के पत्तों को इसके मलेरिया रोधी गुण के लिए भी जाना जाता है। पपीते के पत्ते में पाया जाने वाला एसिटोजिनिन यौगिक मलेरिया और डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी को रोकने और इसके लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है। जिन लोगों को मलेरिया की दिक्कत होती है, उन्हें पपीते के पत्ते का अर्क देने से बीमारी के लक्षणों को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है।
पाचन स्वास्थ्य के लिए फायेदमंद
पपीते का फल और इसकी पत्तियां, दोनों को पाचन के लिए काफी कारगर माना जाता है। यह लिवर की सेहत को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए सहायक हैं। पपीते के पत्ते का रस लिवर की सफाई करने में फायदेमंद पाया गया है जिससे लिवर में विषाक्तता के खतरे को कम किया जा सकता है। यही कारण है कि इसे क्रोनिक लिवर डिजीज, पीलिया और लिवर सिरोसिस जैसी समस्याओं में फायदेमंद माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। अमर उजाला इस दावे की पुष्टि नहीं करता है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।