बरसात का मौसम आते ही कई तरह की संक्रामक और दूषित खान-पान के कारण होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा पेट से जुड़ी बीमारियों का होता है। दूषित पानी, संक्रमित भोजन और स्वच्छता की कमी के कारण उल्टी-दस्त और फूड पॉइजनिंग के मामले तेजी से बढ़ते हैं।
ORS For Hydration: मानसून में दस्त-पाचन की दिक्कतों का खतरा, क्या डायबिटीज वाले ले सकते हैं ओआरएस?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि डायबिटीज के मरीज को दस्त या उल्टी के कारण डिहाइड्रेशन हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार ओआरएस लेना आमतौर पर सुरक्षित और जरूरी माना जाता है। हालांकि, ब्लड शुगर की निगरानी करना जरूरी है।
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पहले ओआरएस के बारे में जान लीजिए
ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) ऐसा घोल है, जिसमें पानी के साथ सही मात्रा में ग्लूकोज (चीनी) और इलेक्ट्रोलाइट्स जैसे सोडियम, पोटैशियम और क्लोराइड होते हैं।
- दस्त या उल्टी होने पर शरीर से केवल पानी ही नहीं, बल्कि जरूरी मिनरल्स भी बाहर निकल जाते हैं। ऐसे में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं होता।
- ओआरएस शरीर में पानी और जरूरी मिनरल्स का संतुलन दोबारा बनाने में मदद करता है।
डॉक्टर बताते हैं, ओआरएस में मौजूद चीनी (ग्लूकोज) छोटी आंत में सोडियम के साथ मिलकर पानी के अवशोषण को तेज करती है। इसके अलावा ग्लूकोज से शरीर को तुरंत ऊर्जा भी मिलती है। आप घर पर भी नियत मात्रा में चीनी-नमक और पानी के साथ ओआरएस का घोल तैयार कर सकते हैं।
कब पड़ती है ओआरएस की जरूरत?
मानसून के दिनों में फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याओं के कारण दस्त और पेट की दिक्कतें बढ़ जाती हैं।
- दस्त होने पर शरीर में तेजी से पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन होने लगता है।
- इससे तेज प्यास लगने, मुंह और जीभ का सूखने, पेशाब कम आने या गहरे रंग का पेशान होना के साथ अत्यधिक कमजोरी जैसी दिक्कतें होती हैं।
- गंभीर मामलों डिहाइड्रेशन के कारण भ्रम की स्थिति और बेहोशी भी हो सकती है।
- बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए ऐसे लक्षण दिखते ही ओआरएस देना शुरू कर देना चाहिए।
क्या डायबिटीज के मरीज ले सकते हैं ओआरएस?
डायबिटीज के मरीजों के मन में अक्सर ये सवाल बना रहता है कि क्या दस्त होने पर उन्हें ओआरएस लेना चाहिए। न्यूरोलॉजिस्ट और जनरल फिजिशियन डॉ. प्रियंका सहरावत कहती हैं, यदि किसी डायबिटीज मरीज को दस्त-उल्टी के कारण डिहाइड्रेशन हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार वह ओआरएस ले सकता है।
- डॉ कहती हैं, डब्ल्यूएचओ बेस्ड ओआरएस फॉर्मूला में सोडियम-पोटेशियम और ग्लूकोज की निश्चित मात्रा होती है।
- शुगर शरीर में पानी के अवशोषण को बढ़ाकर डिहाइड्रेशन के खतरे को कम करता है।
- डायबिटीज मरीज भी ओआरएस ले सकते हैं। इससे शुगर तेजी से बढ़ने का खतरा नहीं रहता है, हालांकि नियमित रूप से जांच भी करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।