New Pandemic Alert: साल 2019 के अंत में दुनियाभर में शुरू हुई कोरोना महामारी को पांच साल से अधिक का समय बीत गया है। कोरोना के मामले वैश्विक स्तर पर भले ही फिलहाल बहुत कम हो गए हैं पर विशेषज्ञ कहते हैं इसे बिल्कुल नजरअंदाजा नहीं किया जा सकता है। सभी वायरस जिंदा रहने के लिए प्राकृतिक रूप से म्यूटेट होते रहते हैं जिस वजह से भविष्य में कोरोना के नए वैरिएंट्स के जोखिमों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।
Health Alert: पांच साल के भीतर दूसरी महामारी का बढ़ रहा खतरा, अब इस वायरस को लेकर चिंता जता रहे हैं विशेषज्ञ
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पांच साल के भीतर दुनियाभर में कोरोना के बाद एक और महामारी का खतरा बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हाल के कुछ महीनों में यूएस-यूके सहित कई देशों में संक्रामक रोग के कारण कई देशों में मरीजों की संख्या में उछाल देखा गया है। ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या आने वाले दिनों में हमें एक और महामारी का सामना करना पड़ सकता है?
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चीन में एचएमपीवी के मामलों को लेकर चर्चा
कई मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर चीन में एक “नई महामारी” के बढ़ते खतरे को लेकर चर्चा की जाती रही है। कुछ पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि अस्पताल और श्मशान घाट फिर से पैक देखे जा रहे हैं। लोगों को इन्फ्लूएंजा ए, माइकोप्लाज्मा न्यूमोनिया और एचएमपीवी (ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस) जैसे वायरस का शिकार पाया जा रहा है। हालांकि इसको लेकर न तो चीन सरकार न ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएओ) ने कोई अलर्ट जारी किया है या फिर कोई आधिकारिक जानकारी दी है।
इसके इतर एच5ए1 वायरस के कारण होने वाली जटिलताएं निश्चित ही चिंताजनक बताई जा रही हैं। वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, जिस तरह से इस वायरस के नए स्ट्रेन देखे जा रहे हैं और जिस तरह से बर्ड फ्लू का प्रसार है ये जरूर चिंताजनक है।
बर्ड फ्लू को क्यों माना जा रहा है खतरनाक?
पिछले कुछ महीनों में बर्ड फ्लू को लेकर सामने आई जानकारियों ने 'महामारी' का जोखिम लोगों के मन में डाल दिया है। बच्चों से लेकर वयस्क तक कई लोगों में बर्ड फ्लू के कारण गंभीर जटिलताएं देखी गईं। कनाडा में इस संक्रामक रोग की शिकार किशोरी में तो जटिलताएं इतनी बढ़ गई कि उसे जीवन रक्षक प्रणाली पर रखना पड़ा।
येल स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की डीन डॉ. मेगन रैनी ने एक रिपोर्ट में कहा, ऐसे कई मामले देखे गए हैं जिसमें बर्ड फ्लू के संक्रमण ने गंभीर जटिलताएं बढ़ा दी हैं। इस वायरस को लेकर विशेष सावधानी और गहन चर्चा की जरूरत है क्योंकि इसमें एक संभावित महामारी की क्षमता हो सकती है।
कई खाद्य-पेय पदार्थों में पाया गया है ये वायरस
हाल के महीनों में बर्ड फ्लू वायरस कई खाद्य-पेय पदार्थों पाया गया। कई स्थानों पर गायों और कच्चे दूध में वायरस की पुष्टि हुई जिसको लेकर विशेषज्ञों ने चिंता जताई है कि ये वायरस तेजी से और बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में ले सकता है। अधिकारियों के अनुसार, वैसे तो अब तक दूध के कारण किसी व्यक्ति में बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स कहते हैं कि कच्चा दूध पीने के कारण कुछ बिल्लियों में ब्रेन डैमेज और इसके कारण मृत्यु के मामले जरूर देखे गए हैं, जिसने और भी चिंता बढ़ा दी है।
बर्ड फ्लू (एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा) इस साल मार्च में पहली बार अमेरिका के डेयरी में कुछ गायों में पाया गया था, तब से यह वायरस कई स्टेट्स में तेजी से फैल रहा है।
सीडीसी ने किया अलर्ट
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केन्द्र (सीडीसी) ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक रिपोर्ट में अमेरिका में रहने वालों, विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले लोगों जैसे खेतिहर मजदूरों को अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। इस मौसम में फ्लू का टीका लगवाना चाहिए, भले ही यह केवल मौसमी फ्लू से ही बचाव करता है।
इस वायरस में हाल में देखे गए म्यूटेशन सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिकारियों और वैज्ञानिकों को चिंतित कर रहे हैं, इससे महामारी की स्थिति पैदा हो सकती है जिसको लेकर सभी लोगों को सावधान रहने की सलाह दी जा रही है।
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स्रोत और संदर्भ
Teen Hospitalized for Bird Flu Shows 'Worrisome' Change in People
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