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Causes of Rabies: कुत्ते के काटने से ही नहीं, ऐसे भी आपको हो सकता है रेबीज! न बरतें लापवाही
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 31 Mar 2026 05:30 PM IST
सार
Causes of Rabies: अगर आपको भी कुत्ते या अन्य जानवर पसंद है तो आपको ये लेख जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि आपकी एक लापरवाही की वजह से आपकी मौत तक हो सकती है।
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कुत्ते के अलावा किस जानवर से फैलता है रेबीज?
- फोटो : अमर उजाला
Causes of Rabies: अक्सर लोग मानते हैं कि रेबीज केवल कुत्ते के काटने से ही होता है, जोकि सच भी है पर क्या आप जानते हैं कि काटने के अलावा भी रेबीज कई तरह से फैल सकता है। दरअसल, एक खतरनाक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित जानवरों के संपर्क में आने से भी फैल सकता है।
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सबसे पहले जान लें कुत्ते के अलावा किस जानवर से फैलता है रेबीज?
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
सबसे पहले जान लें कुत्ते के अलावा किस जानवर से फैलता है रेबीज?
रेबीज केवल कुत्ते के काटने से ही नहीं, बल्कि अन्य संक्रमित जानवरों जैसे बिल्ली, बंदर या चमगादड़ के संपर्क से भी फैल सकता है। यदि किसी संक्रमित जानवर की लार खुली त्वचा, घाव या आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग यह सोचकर लापरवाही कर देते हैं कि हल्की खरोंच या चाटने से कुछ नहीं होगा, लेकिन यह गलत धारणा है। अगर किसी संक्रमित जानवर ने आपकी त्वचा को खरोंचा है या चाटा है तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
रेबीज केवल कुत्ते के काटने से ही नहीं, बल्कि अन्य संक्रमित जानवरों जैसे बिल्ली, बंदर या चमगादड़ के संपर्क से भी फैल सकता है। यदि किसी संक्रमित जानवर की लार खुली त्वचा, घाव या आंख, नाक और मुंह के जरिए शरीर में प्रवेश कर जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। कई लोग यह सोचकर लापरवाही कर देते हैं कि हल्की खरोंच या चाटने से कुछ नहीं होगा, लेकिन यह गलत धारणा है। अगर किसी संक्रमित जानवर ने आपकी त्वचा को खरोंचा है या चाटा है तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।
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क्या होते हैं रेबीज के लक्षण?
- फोटो : Adobe Stock
क्या होते हैं रेबीज के लक्षण?
रेबीज के लक्षण शुरू में सामान्य लग सकते हैं, जैसे बुखार, सिरदर्द और कमजोरी। लेकिन धीरे-धीरे यह गंभीर रूप ले सकता है, जिसमें घबराहट, पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), भ्रम और मांसपेशियों में ऐंठन जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।
अगर कोई जानवर काट ले या खरोंच दे तो क्या करें?
- फोटो : Freepik.com
अगर कोई जानवर काट ले या खरोंच दे तो क्या करें?
अगर किसी को जानवर काट ले या खरोंच दे, तो तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है। समय पर इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
अगर किसी को जानवर काट ले या खरोंच दे, तो तुरंत घाव को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाना जरूरी है। समय पर इलाज ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
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रेबीज से बचने के लिए क्या करें?
- फोटो : Freepik.com
इससे बचने के लिए क्या करें?
रेबीज से बचने के लिए पालतू जानवरों का समय-समय पर टीकाकरण कराना चाहिए और आवारा जानवरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बच्चों को खासतौर पर सिखाना चाहिए कि वे अनजान जानवरों के पास न जाएं और किसी भी घटना को तुरंत बड़ों को बताएं।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
रेबीज से बचने के लिए पालतू जानवरों का समय-समय पर टीकाकरण कराना चाहिए और आवारा जानवरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। बच्चों को खासतौर पर सिखाना चाहिए कि वे अनजान जानवरों के पास न जाएं और किसी भी घटना को तुरंत बड़ों को बताएं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।