{"_id":"6a6ad47985cbfc178206a14c","slug":"senior-citizen-health-check-up-packages-essential-medical-test-for-parents-after-the-age-of-60-2026-07-30","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Parents Health Care: माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Parents Health Care: माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
Thu, 30 Jul 2026 11:08 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 30 Jul 2026 11:08 AM IST
सार
Important Medical Tests for Your Parents: अगर आपके माता-पिता की उम्र भी 60 के पार हो गई है तो उनके ये मेडिकल टेस्ट अवश्य कराएं।
विज्ञापन
माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Important Medical Tests for Your Parents: बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। खासतौर पर 60 साल की उम्र के बाद कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिनके लक्षण शुरुआत में आसानी से नजर नहीं आते। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करवाना बेहद जरूरी हो जाता है।
माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
- फोटो : AI
1. ब्लड प्रेशर टेस्ट
60 साल की उम्र के बाद ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। लंबे समय तक बढ़ा हुआ बीपी दिल, दिमाग और किडनी पर असर डाल सकता है। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाने से किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है और डॉक्टर की सलाह से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
2. ब्लड शुगर टेस्ट
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इंसुलिन के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्ट मील शुगर और HbA1c टेस्ट के जरिए शरीर में शुगर लेवल की सही जानकारी मिलती है। समय पर जांच होने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और इससे जुड़ी आंखों, किडनी और हार्ट की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
60 साल की उम्र के बाद ब्लड प्रेशर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर "साइलेंट किलर" भी कहा जाता है, क्योंकि कई बार इसके कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते। लंबे समय तक बढ़ा हुआ बीपी दिल, दिमाग और किडनी पर असर डाल सकता है। नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करवाने से किसी भी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकता है और डॉक्टर की सलाह से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
2. ब्लड शुगर टेस्ट
उम्र बढ़ने के साथ शरीर में इंसुलिन के काम करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है, जिससे डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है। फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्ट मील शुगर और HbA1c टेस्ट के जरिए शरीर में शुगर लेवल की सही जानकारी मिलती है। समय पर जांच होने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है और इससे जुड़ी आंखों, किडनी और हार्ट की समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
- फोटो : AI
3. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट
बढ़ती उम्र में शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने की संभावना रहती है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल नसों में जमा होकर ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के जरिए शरीर में टोटल कोलेस्ट्रॉल, गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की जांच की जाती है। नियमित जांच से दिल की सेहत पर नजर रखी जा सकती है।
4. हार्ट चेकअप
60 साल के बाद दिल की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य कारणों से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ECG, इकोकार्डियोग्राम और अन्य जरूरी जांच कराई जा सकती हैं। अगर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान या धड़कन अनियमित होने जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बढ़ती उम्र में शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने की संभावना रहती है। ज्यादा कोलेस्ट्रॉल नसों में जमा होकर ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट के जरिए शरीर में टोटल कोलेस्ट्रॉल, गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) और बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की जांच की जाती है। नियमित जांच से दिल की सेहत पर नजर रखी जा सकती है।
4. हार्ट चेकअप
60 साल के बाद दिल की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो जाता है। उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य कारणों से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। डॉक्टर की सलाह के अनुसार ECG, इकोकार्डियोग्राम और अन्य जरूरी जांच कराई जा सकती हैं। अगर सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान या धड़कन अनियमित होने जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
- फोटो : AI
5. आंखों की जांच
बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होना, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना से जुड़ी समस्याएं आम हो सकती हैं। कई बार आंखों की बीमारी शुरुआत में बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती है। इसलिए 60 साल के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना जरूरी है। समय पर जांच होने से नजर संबंधी समस्याओं का इलाज आसानी से किया जा सकता है।
6. हड्डियों की जांच
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम हो सकती है, खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan) से हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या का पता लगाया जा सकता है। अगर हड्डियां कमजोर हों तो डॉक्टर कैल्शियम, विटामिन D और अन्य जरूरी उपायों की सलाह दे सकते हैं।
बढ़ती उम्र के साथ आंखों की रोशनी कमजोर होना, मोतियाबिंद, ग्लूकोमा और रेटिना से जुड़ी समस्याएं आम हो सकती हैं। कई बार आंखों की बीमारी शुरुआत में बिना किसी लक्षण के बढ़ती रहती है। इसलिए 60 साल के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच करवाना जरूरी है। समय पर जांच होने से नजर संबंधी समस्याओं का इलाज आसानी से किया जा सकता है।
6. हड्डियों की जांच
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती कम हो सकती है, खासकर महिलाओं में मेनोपॉज के बाद हड्डियों से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बोन डेंसिटी टेस्ट (DEXA Scan) से हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्या का पता लगाया जा सकता है। अगर हड्डियां कमजोर हों तो डॉक्टर कैल्शियम, विटामिन D और अन्य जरूरी उपायों की सलाह दे सकते हैं।
विज्ञापन
माता-पिता की उम्र हो गई है 60 के पार तो ये मेडिकल टेस्ट जरूर कराएं
- फोटो : AI
7. किडनी फंक्शन टेस्ट
बुजुर्गों में किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे प्रभावित हो सकती है। किडनी शरीर से गंदे पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है, इसलिए इसकी सही जांच जरूरी है। ब्लड टेस्ट जैसे क्रिएटिनिन और यूरिन टेस्ट के जरिए किडनी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। डायबिटीज या हाई बीपी वाले लोगों के लिए किडनी जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
8. लिवर फंक्शन टेस्ट
लिवर शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करता है, जैसे टॉक्सिन बाहर निकालना और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करना। उम्र बढ़ने के साथ लिवर की कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) के जरिए लिवर से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का पता लगाया जा सकता है। अगर व्यक्ति लंबे समय से दवाएं ले रहा है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार यह जांच उपयोगी हो सकती है।
बुजुर्गों में किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे प्रभावित हो सकती है। किडनी शरीर से गंदे पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है, इसलिए इसकी सही जांच जरूरी है। ब्लड टेस्ट जैसे क्रिएटिनिन और यूरिन टेस्ट के जरिए किडनी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। डायबिटीज या हाई बीपी वाले लोगों के लिए किडनी जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
8. लिवर फंक्शन टेस्ट
लिवर शरीर के कई जरूरी कामों में मदद करता है, जैसे टॉक्सिन बाहर निकालना और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करना। उम्र बढ़ने के साथ लिवर की कार्यक्षमता पर असर पड़ सकता है। LFT (लिवर फंक्शन टेस्ट) के जरिए लिवर से जुड़ी किसी भी गड़बड़ी का पता लगाया जा सकता है। अगर व्यक्ति लंबे समय से दवाएं ले रहा है तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार यह जांच उपयोगी हो सकती है।